Indian Railways Fact: भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है। यह देश के सीमांत इलाकों को बड़े बड़े महानगरों से जोड़ने का काम करता है। देश में करोड़ों लोग रोजाना भारतीय ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे देशभर में कई ट्रेनों का संचालन कर रहा है। भारतीय ट्रेनों में हम में से अधिकतर लोग सफर करते हैं। ट्रेनों में सफर करते समय आपने इस बात पर जरूर गौर किया होगा कि ट्रेनों को एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट में वर्गीकृत किया जाता है।
वहीं क्या आपको एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों के बीच के अंतर के बारे में पता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इन्हीं तीनों के बीच के अंतर के बारे में बताने वाले हैं। अगर आप ट्रेनों में सफर करते हैं। ऐसे में आपको एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों के बीच में क्या अंतर है? इस बारे में पता होना चाहिए। आइए जानते हैं -
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Difference between mail express and superfast train
- फोटो : Istock
एक्सप्रेस ट्रेन
एक्सप्रेस ट्रेनें 55 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार पर चलती हैं। यह सेमी प्रायोरिटी वाली ट्रेनें होती हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों का नाम किसी व्यक्ति, शहर या जगह के नाम से शुरु होता है।
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एक्सप्रेस ट्रेनें मेल ट्रेनों की तरह किसी किसी हाल्ट या स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच लगे हुए होते हैं।
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मेल ट्रेनें
मेल ट्रेनों की रफ्तार एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में कम होती है। इनकी रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है। ये शहरों के साथ लंबी दूरी के स्टेशनों को भी जोड़ने का काम करती हैं। ये ट्रेनें अक्सर हॉल्ट पर रुकती हैं।
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सुपरफास्ट ट्रेनें
सुपरफास्ट ट्रेनें मेल और एक्सप्रेस की तुलना में तेजी से चलती हैं। ये ट्रेनें 110 किलोमीटर की रफ्तार पर सफर करती हैं। इन ट्रेनों के स्टोपेज भी काफी कम होते हैं। इस कारण इनका किराया मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की अपेक्षा ज्यादा होता है।