थाईलैंड के 20 साल के वेटलिफ्टर 56 किलो भारवर्ग में सिन्हपेट क्रूएथोंग ने रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता। तो उनकी इस जीत के बाद हजारों किलोमीटर दूर बैंकाक के नजदीक उनके गांव में लोग उनका प्रदर्शन देखकर जश्न मना रहे थे इनमें उनकी 84 साल की दादी मां सुबिन भी शामिल थीं जो अचानक गिर पड़ीं और उनका देहांत हो गया।
खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया। पुलिस का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि अत्यधिक खुशी के कारण उनका हार्टफेल हो गया हालांकि वह पहले से बीमार भी चल रहीं थीं। प्रतियोगिता से पहले ही वह अपने पोते के रियो ओलंपिक में भाग लेने को लेकर काफी उत्साहित थीं।
सिन्हपेट थाईलैंड के ऐसे दूसरे एथलीट हो गए हैं जिन्होंने रियो में कोई पदक जीता है। उनसे पहले 48 किलो भारवर्ग में महिला वेटलिफ्टर ने शनिवार को गोल्ड मेडल जीता था।
टक्कर के बाद आईसीयू में भर्ती हुए डच साइक्लिस्ट
आईसीयू में डच साइक्लिस्ट अन्नेमिएक वैन व्लेयूटेन खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। ओलंपिक में महिला रोड रेस स्पर्धा में आगे निकले की होड़ में उनकी टक्कर हो गई थी। इस वजह से उनके पेट की मेरुदंड की हड्डी टूट गई।
टक्कर के बाद आईसीयू में भर्ती हुए डच साइक्लिस्ट
ओलंपिक में 10 किमी स्पर्धा के दौरान व्लेयूटेन साइक्लि के हैंडल पर गिर गईं और कंक्रीट से टकरा गई। उसके बाद किसी भी प्रतिभागियों ने उसे उठाने की जहमत भी नहीं उठाई। डच साइक्लिंग फेडरेशन ने कहा कि वह ठीक हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।