भारत की 'खेल राजधानी' बनना चाहता है ओडिशा, कर चुका है अनूठी मिसाल कायम
पिछले कुछ सालों में ओडिशा एक ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। राज्य ने कई बड़े स्पोर्ट टूर्नामेंट की मेजबानी की है। राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए उसे स्पोर्टस्टार एसेज अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। ओडिशा ने ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बनने के लिए खुद को तेजी से आगे बढ़ाया है।
गौरतलब है कि इसकी शुरुआत तब हुई जब 2013 में हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में राज्य के स्वामित्व वाले ओडिशा इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IDCO) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) ने एक फ्रेंचाइजी, कलिंग लांसर्स के साथ हाथ मिलाया।
ओडिशा 2014 में चैंपियंस ट्रॉफी, 2017 में हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल्स के बाद हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर खुद को कामयाब मेजबान साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है। इसके बाद राज्य ने साल 2018 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी की। 'मंदिरों के शहर' भुवनेश्वर में आयोजित विश्व कप में दुनिया की शीर्ष 16 टीमों ने हिस्सा लिया था। 28 नवंबर से 16 दिसंबर 2018 तक चले इस विश्व कप में 16 टीमों को चार ग्रुपों में बांटा गया था।
बता दें कि इस साल ओडिशा ने चार देशों की महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया है। यह मार्च-अप्रैल में सुपर कप, जून में हॉकी सीरीज फाइनल (एक ओलंपिक क्वालीफाइंग इवेंट), जुलाई में कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैम्पियनशिप और साल के अंत में एशियाई रोइंग (नौकायन) चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।
इतना ही नहीं ओडिशा राष्ट्रीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों को प्रायोजित करता है, जो खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है। वहीं, राज्य ने 12 खेलों को शामिल करते हुए 16 स्पोर्ट्स छात्रावासों में युवाओं के प्रवेश के लिए एक अनौपचारिक स्वैच्छिक युवा समूह (बीजू युवा वाहिनी) से ट्राइबल स्पोर्ट्स मीट और टैलेंट-स्काउटिंग का आयोजन करके जमीनी विकास का भी ख्याल रखा है।
ओडिशा सरकार के पास पिछले साल 341.08 करोड़ का बजट था और यह राज्य अपने समग्र विकास के साथ आगे बढ़ने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राज्य को एक स्पोर्ट्स हब बनाकर सरकार निवेश के अवसरों को आकर्षित करने और देश में एक अनूठी मिसाल कायम करने के लिए ओडिशा को एक ब्रांड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
खेल में और ज्यादा विकास हो इसके लिए राज्य ने कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ समझौता किया है, जिनमें अभिनव बिंद्रा, पी. गोपी चंद, गगन नारंग और अनिल कुंबले शामिल हैं।