रेड और टेकल पर भी कबड्डी का पूरा खेल टिका हुआ है, जिसमें भी रेड काफी अहम होता है। जहां टेकल से पूरी टीम मिलकर अंक जोड़ती है, वहीं रेड सक्सेस होने पर टीम का एक खिलाड़ी ही कई अंक दिला देता है। कभी कभी तो रेड डालने वाला रेडर बोनस अंक भी दिला देता है। रेडर से बचना टीम के लिए काफी जरूरी होता है। प्रो कबड्डी में ऐसे ही तीन रेडर है, जिससे बच पाना किसी भी टीम के लिए मुश्किल है।
प्रो कबड्डी लीगः सारी रणनीति हो जाती है फेल, इन 3 से बच पाना है मुश्किल
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Fri, 28 Jul 2017 06:16 PM IST
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