रियो ओलंपिक में अब तक से सबसे बड़े दल के साथ उतरा भारत के खाते में शुरुआती 7 दिन के खेल के बाद एक भी पदक हाथ नहीं आए हैं, लेकिन खास बात यह है कि पदक की तलाश में जुटा भारत अब तक कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर पाया लेकिन 2 चेतावनियां उसे जरूर मिल गईं। जिसने पूरे अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की किरकिरी करा दी।
पहले हफ्ते में पदक तो नहीं 2 चेतावनियां भारत के खाते में आए
पिछले ओलंपिक की सफलता को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि इस बार भी भारतीय एथलीट उससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे लेकिन शुरुआती एक हफ्ते के खेल के बाद भी पदकों का खाता नहीं खुल सका। कई बड़े विशेषज्ञों की यह भी भविष्यवाणी थी कि भारत का प्रदर्शन अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा और खिलाड़ी पहली बार दहाई का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहेंगे।
पहले हफ्ते में पदक तो नहीं 2 चेतावनियां भारत के खाते में आए
लेकिन जिस तरह से निशानेबाज और तीरंदाज पदक पर सटीक निशाना लगाने से चूक गए उसने भारतीय खेमे को काफी निराश किया। निशानेबाजी से लगभग आधे दर्जन पदक की आस थी लेकिन अभी तक एक भी पदक हाथ नहीं आए हैं जबकि देश के सितारे निशानेबाज अपने-अपने निशाना लगा चुके हैं।
पहले हफ्ते में पदक तो नहीं 2 चेतावनियां भारत के खाते में आए
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रियो ओलंपिक
- फोटो : getty
हालांकि भारत के लिए पदक की आस अभी खत्म नहीं हुई है, कई खेल जिसमें टेनिस, कुश्ती, जिमनास्ट, हॉकी और मुक्केबाजी शामिल है उसके जरिए भारत कुछ पदक अपनी झोली में डाल सकता है। गेम्स का पहला हफ्ता निकल जाने के बाद अब जानते हैं कि भारत के किन बड़े खेल सितारों ने निराशाजनक खेल दिखाते हुए पदक से भारत को दूर किया है।
पहले हफ्ते में पदक तो नहीं 2 चेतावनियां भारत के खाते में आए
निशानेबाजी में देश के शीर्ष निशानेबाज जीतू राय और अभिनव बिंद्रा ने देश को निराश किया। जीतू 10 मीटर पिस्टल के फाइनल में पहुंचने के बावजूद 8वें स्थान रहे लेकिन 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में वह फाइनल में ही नहीं पहुंच सके। बिंद्रा 10 मीटर राइफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे और कड़े मुकाबले में कांस्य से चूक गए।