भारतीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया है। उन्होंने अपने ट्वीटर एकाउंट पर भी एक भावुक संदेश पोस्ट किया। लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बने रहना उनके संन्यास की वजह मानी जा रही है। हालांकि बीसीसीआई द्वारा संन्यास को लेकर अंतिम फैसला लेना बाकी है। संन्यास की घोषणा के बाद क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने अमर उजाला से खास मुलाकात की। इसमें उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि पूरी योजना के साथ ही उन्होंने संन्यास की घोषणा की है। रविवार को वह बाई पास स्थित अपने रेस्टोरेंट पर समय बिताते मिले।
Exclusive: संन्यास लेने के बाद क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने अमर उजाला से साझा की भविष्य की योजनाएं
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सवाल : भुवनेश्वर कुमार के बारे में क्या सोचते हैं?
जवाब : भुवनेश्वर से मेरा रिश्ता बड़े भाई और छोटे भाई जैसा है और ये हमेशा रहेगा। भुवी का प्रदर्शन लगातार निखर रहा है। उसका भविष्य उज्जवल है। भुवी भी मेरा बहुत सम्मान करता है।
सवाल : ट्वीटर पर बेटे रणविजय को क्रिकेटर बनाने के बारे एक खबर पोस्ट की है?
जवाब : क्रिकेट से मैं बहुत प्यार करता हूं। बेटा रणविजय अभी छोटा है। क्रिकेट में बेटे को डालने का सपना है। बाकी वह बड़ा होगा तो उसका किस खेल में इंटरेस्ट होगा, उस पर निर्भर करेगा।
सवाल : क्रिकेट कोच बनने को लेकर क्या इरादा है?
जवाब : मैंने कानपुर से क्रिकेट कोचिंग कोर्स कर लिया है। इसका परिणाम पास के रूप में आ गया है। मेरा सौभाग्य होगा यदि क्रिकेट से जुड़कर फिर से नई पारी की शुरुआत हो।
सवाल : संन्यास का निर्णय किसी दबाव में तो नहीं लिया?
जवाब : मैंने किसी दबाव में संन्यास नहीं लिया। मैं अपने जीवन से पूरी तरह संतुष्ट हूं। हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। मुझे टीम इंडिया का हिस्सा बनने का मौका मिला, ये मेरे लिए महत्वपूर्ण पल थे।
सवाल : मेरठ में क्रिकेट के अच्छे भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं?
जवाब : मेरठ सहित समूचे वेस्ट यूपी में क्रिकेट प्रतिभाओं की भरमार है। मेरठ के बच्चों के लिए मुझसे जो होगा, मैं करूंगा। शहर ने मुझे बहुत प्यार दिया है।
सवाल : टीम इंडिया में सबसे ज्यादा करीब कौन रहा?
जवाब : सुरेश रैना, हार्दिक पंड्या ज्यादा करीब रहे। हार्दिक तो पिछले सप्ताह मिलने भी आया था। जबकि सुरेश रैना मेरठ अक्सर मिलने आता रहता है।
हमेशा की गरीब बच्चों की मदद
कोच संजय रस्तोगी ने कहा कि प्रवीण ने भारतीय क्रिकेट में गेंदबाजी को स्विंग की जो धार दी है, उसे देश हमेशा याद रखेगा। संन्यास लेने के बाद भी वो किसी न किसी रूप में क्रिकेट को सेवाएं देते रहेंगे। प्रवीण ने हमेशा गरीब बच्चों की मदद की है। वहीं कोच विपिन वत्स ने कहा कि खरखौदा इंटर कॉलेज में गेंदबाजी करते देखकर उसकी प्रतिभा को पहचाना था। क्रिकेट को नई दिशा देने वाले प्रवीण को भविष्य के लिये शुभकामनाएं।