कोरोना वायरस (Coronavirus) के आतंक के बीच सनातन संस्कृति की एक अनूठी परंपरा खूब चर्चा में आई है और वो परंपरा है दोनों हाथों को जोड़कर नमस्ते करने की। यह परंपरा किसी से भेंट करते समय या विदा होते समय की जाती है। कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को फैलाने में हाथ मिलाकर अभिवादन करने की पाश्चात्य संस्कृति कहीं न कहीं जिम्मेदार रही है। इसलिए अब लोग अभिवादन के रूप में नमस्ते की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। दुनिया के बड़े से बड़े देशों के नेताओं ने इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भी दिया है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि नमस्ते की संस्कृति पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है। आइए जानते हैं।
2 of 4
नमस्ते करते प्रिंस चार्ल्स
- फोटो : Social Media
नमस्ते का वैज्ञानिक आधार
यूं तो पूरी सनातन संस्कृति ही वैज्ञानिक पैमाने पर सटीक बैठती है। लेकिन हम यहां केवल हाथों को जोड़कर नमस्ते करने की परंपरा की बात कर रहे हैं। सबसे पहले हमें नमस्ते या नमस्कार शब्द का अर्थ जानना चाहिए। क्योंकि इसके अर्थ में ही गहराई छिपी है। नमस्ते शब्द की उत्पत्ति संस्कृति भाषा के नमस शब्द से हुई है जिसका आशय सभी मनुष्यों में एक दैवीय चेतना और प्रकाश को जागृत करना है। जबकि इसके वास्तविक अर्थ में जाएं तो इसका तात्पर्य एक आत्मा का दूसरी आत्मा के लिए आभार प्रकट करना है।
3 of 4
डोनाल्ड ट्रंप औऱ लियो वराडकर ने एक-दूसरे को नमस्ते किया
- फोटो : Social Media
नमस्ते की विधि और उसके पीछे का विज्ञान
नमस्ते की परंपरा में दोनों हाथों को जोड़कर सीने में जहां रखा जाता है वह हृदय चक्र या सूर्य चक्र कहलाता है। इसके बाद आंखों को बंद किया जाता और सिर को झुकाया जाता है। वैदिक शास्त्रों का मानना है कि हाथों को जोड़कर जब हृदय चक्र पर लाते हैं तो आपस में दैवीय प्रेम का संचरण होता है। वहीं सिर को झुकाने और आंखों को बंद करने का मतलब अपने आप को हृदय में विराजमान प्रभु को अपने आप को सौंप देने से होता है।
नमस्ते की विधि में जब आप अपने दोनों हाथों को जोड़कर अपने हृदयचक्र में ले जाते हैं तो हृदय चक्र के साथ-साथ आज्ञाचक्र भी सक्रिय हो जाता है। ऐसा होने पर व्यक्ति के अंदर जागृति (ज्ञान रूप में) की भावना होती है। मन शांत होता है और चेहरे पर प्रसन्नता का भाव स्वयं ही आ जाता है। नमस्ते की मुद्रा में गुस्से को शांत करने की शक्ति होती है। यदि आपको गुस्सा आए तो आप अपने गुस्से को शांत करने के लिए इस मुद्रा का प्रयोग कर सकते हैं।