स्वामी दयानंद आर्य समाज के संस्थापक, महान चिंतक, समाज-सुधारक और देशभक्त थे। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर आर्य समाज के संस्थापक और समाज-सुधारक महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती की जयंती मनाई जाती है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने में अपना खास योगदान दिया है। उन्होंने वेदों को सर्वोच्च माना और वेदों का प्रमाण देते हुए हिंदू समाज में फैली कुरीतियों का विरोध किया। आइए जानते हैं स्वामी दयानंद सरस्वती के अनमोल विचार...
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swami dayanand jayanti: स्वामी दयानंद सरस्वती के अनमोल विचार
Mon, 17 Feb 2020 06:03 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 17 Feb 2020 06:03 AM IST
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Swami Dayanand Saraswati
- फोटो : Swami Dayanand Saraswati
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- नुकसान से निपटने में सबसे जरूरी चीज है उससे मिलने वाले सबक को ना भूलना। वो आपको सही मायने में विजेता बनाता है।
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- इंसान को दिया गया सबसे बड़ा संगीत यंत्र आवाज है।
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- कोई मूल्य तब मूल्यवान है जब मूल्य का मूल्य स्वंय के लिए मूल्यवान हो।
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- आप दूसरों को बदलना चाहते हैं ताकि आप आजाद रह सकें लेकिन, ये कभी ऐसे काम नहीं करता। दूसरों को स्वीकार करिए और आप मुक्त हैं।