जापान के एक संत को जब ज्ञान प्राप्त हुआ या कहें जब वे निंद जागे, वह हंसने लगे और जीवनभर हंसते ही रहे। वह गांव - गांव जाते और हंसते। यही नहीं यह संत बीच बाजार में भी खड़े होकर हंसने लगते। कुछ याद आया इस संत का नाम।
आप भी नहीं है इस संत के नाम से अनजान, बीच बाजार खड़े होकर हंसता था यह
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Sat, 25 Mar 2017 02:40 PM IST
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