Happy Krishna Janmashtami 2021: आज देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, द्वापर युग में भाद्रपद मास कृष्ण की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष लग्न में भगवान कृष्ण का अवतरण हुआ था। वे जगत के पालनहार भगवान विष्णु के अवतार थे और धर्म की स्थापना के लिए उन्होंने यह अवतार लिया था। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं अमर हैं। मथुरा-वृंदावन में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में उनकी लीलाओं को कथा के रूप में सुना या पढ़ा जाता है। कंस वध से लेकर अर्जुन को दिए गीता ज्ञान तक उनके जीवन की हर एक घटना से समाज को सीख मिलती है। उनमें हर परिस्थिति को अपने अनुकूल बनाने की कला थी। इसलिए हम आपको बताने जा रहे श्रीकृष्ण की उन बातों के बारे में जिनसे आप अपने जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ फल पा सकते हैं। आइए जानते हैं कौनसी हैं ये चार बातें -
Janmashtami 2021: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की ये चार बातें हमेशा रखें याद, पाएंगे सफलता
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भगवान श्रीकृष्ण ने 64 दिन में 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। श्रीकृष्ण ने वैदिक कलाओं के साथ-साथ दूसरी कलाएं भी सीखी थीं। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे आपके व्यक्तित्व का रचनात्मक विकास हो। श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं के साथ-साथ संगीत, नृत्य व युद्ध की भी कला सिखा था। बच्चों में केवल सिलेबस का ज्ञान ना भरें, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और सामाजिक ज्ञान भी दें।
एकबार पांडवों के राजसूय यज्ञ में शिशुपाल कृष्ण को अपशब्द कहता रहा। वह छोटा भाई था, लेकिन बोलते-बोलते उसने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। सभा में मौजूद सभी लोग क्रोधित थे लेकिन भगवान श्रीकृष्ण शांत थे और मुस्कुरा रहे थे। एक बार कृष्ण शांति दूत बनकर दुर्योधन के पास गए तो उसने कृष्ण का बहुत अपमान किया। कृष्ण शांत रहे। इसलिए अगर हमारा दिमाग स्थिर है और मन शांत है तभी हम कोई सही निर्णय ले पाएंगे। गुस्से में हमेशा नुकसान होता है।
भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया के कई राजाओं को हराया था। लेकिन कभी किसी राजा का सिंहासन छीना नहीं। कृष्ण के पूरे जीवन में कभी ऐसा नहीं हुआ कि उन्होंने किसी राजा का सिंहासन छीना हो बल्कि दूसरे अच्छे लोगों को वहां के सिंहासन पर बैठाया। भगवान श्रीकृष्ण ने पूरा युद्ध कूटनीति से लड़ा पांडवों को सलाह देते रहे, लेकिन जीतने का श्रेय भीम और अर्जुन को दिया।
कुरुक्षेत्र के मैदान में जब दुश्मनों की सेना युद्ध के लिए तैयार थी तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो भी ज्ञान दिया, वो दुनिया का श्रेष्ठ ज्ञान में से एक है। गीता की उत्पत्ति युद्ध के मैदान में हुई थी। जीवन की अच्छी बातें तनाव और दबाव में ही होती हैं। अगर आप दिमाग को शांत रखने की कोशिश करेंगे तो कठिन समय में भी आप अच्छा परिणाम पा सकते हैं।