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सूर्य ग्रहण 2018: सूर्य ग्रहण में सूतक काल से जुड़े इन नियमों के बारे में जान लें, फायदे में रहेंगे
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:25 PM IST
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solar eclipse
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सूर्य ग्रहण को लेकर आपने कई मान्यताएं और कहानियां सुनी होंगी। इस महीने जुलाई में भी दो ग्रहण पड़ रहे हैं। पहला 13 जुलाई को सूर्यग्रहण और दूसरा 27 जुलाई को चंद्रग्रहण। बता दें,यह साल का दूसरा सूर्य ग्रहण है। भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण सुबह 7.18 बजकर 23 सेकेंड से शुरू होगा और 8.13 बजकर 05 सेकेंड तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में सूतक के कुछ नियमों को विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं सूतक के समय कौन सी चीजें करने से क्या फल मिलता है।
सूर्य ग्रहण
- फोटो : SOCIAL MEDIA
क्या है सूतक
शास्त्रों में सूतक को अशुभ मुहूर्त माना जाता है। इस समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं इस दिन भगवान की पूजा भी नहीं की जाती है। धार्मिक नियमों के अनुसार सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है।
शास्त्रों में सूतक को अशुभ मुहूर्त माना जाता है। इस समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं इस दिन भगवान की पूजा भी नहीं की जाती है। धार्मिक नियमों के अनुसार सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है।
सूर्य ग्रहण
ग्रहण काल में क्या करना चाहिए
-ग्रहण काल शुरू होने से लेकर खत्म होने तक व्यक्ति को मंत्रों का जाप, पूजा-पाठ करना शुभ माना गया है।
-सूतक का समय खत्म होने पर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर घर के सभी लोगों पर गंगाजल छिड़का जाता है।
-ग्रहण काल में अपने इष्ट देव या फिर गायत्री मंत्र का जाप करते हुए दीपक जलाकर रखना चाहिए। मंत्रों के जाप के लिए यह समय सबसे अच्छा होता है।
-ग्रहण काल शुरू होने से लेकर खत्म होने तक व्यक्ति को मंत्रों का जाप, पूजा-पाठ करना शुभ माना गया है।
-सूतक का समय खत्म होने पर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर घर के सभी लोगों पर गंगाजल छिड़का जाता है।
-ग्रहण काल में अपने इष्ट देव या फिर गायत्री मंत्र का जाप करते हुए दीपक जलाकर रखना चाहिए। मंत्रों के जाप के लिए यह समय सबसे अच्छा होता है।
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सूर्य ग्रहण
ग्रहण में भूलकर भी न करें ये काम-
ग्रहण काल में भोजन पकाना या सजने संवरने जैसे काम नहीं करने चाहिए।
-मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को इस समय सब्जी काटना, कपड़े सीने से बचना चाहिए। कहा जाताहै वरना जन्म लेने वाले बच्चे में शारीरिक दोष उत्पन्न होने की संभावना रहती है।
- ग्रहण के समय घर से बाहर निकलने से बचे। इसके अलावा इस समय सूर्य गर्हण के दर्शन भी न करें।
ग्रहण काल में भोजन पकाना या सजने संवरने जैसे काम नहीं करने चाहिए।
-मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को इस समय सब्जी काटना, कपड़े सीने से बचना चाहिए। कहा जाताहै वरना जन्म लेने वाले बच्चे में शारीरिक दोष उत्पन्न होने की संभावना रहती है।
- ग्रहण के समय घर से बाहर निकलने से बचे। इसके अलावा इस समय सूर्य गर्हण के दर्शन भी न करें।
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गर्भवती महिलाओं के लिए भी ग्रहण के कुछ नियम-
-शास्त्रों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खाना खाने की मनाही होती है। कहा जाता है कि यदि गर्भवती महिला इस दौरान खाना खाती है को उसके खाने पर ग्रहण लग जाता है।
-सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कैंची या चाकू भी नहीं छूना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु के अंग कट सकते हैं।
-कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण देखने वाली महिलाओं के लीवर पर भी असर पड़ता है। इससे शिशु विकलांग हो सकता है।
-शास्त्रों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खाना खाने की मनाही होती है। कहा जाता है कि यदि गर्भवती महिला इस दौरान खाना खाती है को उसके खाने पर ग्रहण लग जाता है।
-सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कैंची या चाकू भी नहीं छूना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु के अंग कट सकते हैं।
-कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण देखने वाली महिलाओं के लीवर पर भी असर पड़ता है। इससे शिशु विकलांग हो सकता है।