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एकादशी के दिन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाहिए?

Sat, 21 Nov 2015 06:09 PM IST
Updated Sat, 21 Nov 2015 06:09 PM IST
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एकादशी के द‌िन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाह‌िए?

why rice avoid on ekadashi

एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है क‌ि इस द‌िन चावल और चावल से बनी चीजें नहीं खानी चाह‌िए। आइये जानें यह मान्यता क्यों है?


एकादशी के द‌िन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाह‌िए?

why rice avoid on ekadashi

एकादशी व्रत का शास्‍त्रों और पुराणों में बड़ा महत्व बताया गया है। इस व्रत को लेकर कई न‌ियम और मान्यताएं भी हैं इनमें चावल नहीं खान भी शाम‌िल है। इसके पीछे धार्म‌िक कारण के साथ ही साथ वैज्ञान‌िक कारण भी बताया जाता है।

एकादशी के द‌िन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाह‌िए?

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धार्म‌िक दृष्ट‌ि से एकादशी के दिन चावल खाना अखाद्य पदार्थ अर्थात नहीं खाने योग्य पदार्थ खाने का फल प्रदान करता है।

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एकादशी के द‌िन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाह‌िए?

why rice avoid on ekadashi

पौराणिक कथा के अनुसार माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने शरीर का त्याग कर दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया। चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए इसलिए चावल और जौ को जीव माना जाता है।

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एकादशी के द‌िन चावल से बनी चीजें क्यों नहीं खानी चाह‌िए?

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जिस दिन महर्षि मेधा का अंश पृथ्वी में समाया, उस दिन एकादशी तिथि थी। इसलिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाना महर्षि मेधा के मांस और रक्त का सेवन करने जैसा है।

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