सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यह 9 बातें कम ही लोग जानते हैं
पूरे भारत देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थित हैं। इनमें सबसे पहला ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के सौराष्ट्र नगर में अरब सागर के तट स्थित है और यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है। इस ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह हर सृष्टि में यहां स्थित रहा है। इस ज्योतिर्लिंग के बारे में कई ऐसी बातें जो बहुत कम लोग जानते हैं तो आइये सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हुए जानें कुछ अनोखी और खास बातें।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यह 9 बातें कम ही लोग जानते हैं
सोमनाथ के वर्तमान मंदिर के दर्शन कीजिए। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में माना जाता है कि चन्द्रमा यानी सोम को प्रजापति दक्ष ने क्षय रोग होने का शाप दे दिया। इस शाप से मुक्ति के लिए शिव भक्त चन्द्रमा ने अरब सागर के तट पर शिव जी की तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर शिव प्रकट हुए और चन्द्रमा को वरदान दिया। चन्द्रमा ने जिस शिवलिंग की स्थापना और पूजा की वह शिव जी के आशीर्वाद से सोमेश्वर यानी सोमनाथ कहलाया।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यह 9 बातें कम ही लोग जानते हैं
सोमनाथ मंदिर की दीवारों पर बनी यह मूर्तियां मंदिर की भव्यता को दर्शाती है। स्कंद पुराण के प्रभासखंड में उल्लेख किया गया है कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का नाम हर नए सृष्टि के साथ बदल जाता है। इस क्रम में जब वर्तमान सृष्टि का अंत हो जाएगा और ब्रह्मा जी नई सृष्टि करेंगे तब सोमनाथ का नाम 'प्राणनाथ' होगा। प्रलय के बाद जब नई सृष्ट आरंभ होगी तब सोमनाथ प्राणनाथ कहलाएंगे।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यह 9 बातें कम ही लोग जानते हैं
मंदिर की दीवारों पर भगवान शिव के साथ ब्रह्मा और विष्णु की मूर्तियों को देखिए। स्कंद पुराण के प्रभास खंड में पार्वती के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए महादेव कहते हैं कि अब तक सोमनाथ के आठ नाम हो चुके हैं।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यह 9 बातें कम ही लोग जानते हैं
सोमनाथ के सेवक नंदी महाराज मंदिर में विराजमान होकर शिव जी का ध्यान कर रहे हैं। स्कंद पुराण में बताया गया है कि सृष्टि में अब तक अब तक छह ब्रह्मा बदल गए हैं। यह सातवें ब्रह्मा का युग है, इस ब्रह्मा का नाम है 'शतानंद'। शिव जी कहते हैं कि स युग में मेरा नाम सोमनाथ है। बीते कल्प से पहले जो ब्रह्मा थे उनका नाम विरंचि था। उस समय इस शिवलिंग का नाम मृत्युंजय था।