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कलश स्थापना से शुरू होगी शक्ति की आराधना, नवरात्रि के पहले दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां

Sun, 11 Oct 2026 06:01 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 11 Oct 2026 06:01 AM IST
सार

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा और घटस्थापना का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन किन गलतियों से बचना चाहिए और पूजा के दौरान किन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।

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Shardiya Navratri 2026 Day 1 Avoid These Mistakes During Kalash Sthapana in hindi
Shardiya Navratri Mein Kya Na Karein - फोटो : amar ujala

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर 2026 से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना के साथ देवी की आराधना शुरू होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना करते समय स्थान की शुद्धता, कलश की स्थापना, नारियल रखने और दीपक जलाने जैसे नियमों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं कलश स्थापना की सही विधि और इससे जुड़े जरूरी नियम।

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कलश स्थापना के लिए स्थान और दिशा - फोटो : Adobe Stock

कलश स्थापना के लिए स्थान और दिशा
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। सबसे पहले इस स्थान की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद वहां गंगाजल या स्वच्छ जल का छिड़काव करके जगह को शुद्ध करें। अब साफ मिट्टी या बालू की एक परत बिछाएं और उस पर जौ डालें। इसके बाद जौ के ऊपर मिट्टी या बालू की दूसरी परत बिछाकर हल्का पानी छिड़क दें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।

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कलश स्थापना की विधि - फोटो : Adobe Stock

कलश स्थापना की विधि
तैयार स्थान पर मिट्टी या धातु का साफ कलश रखें। कलश में शुद्ध जल भरें और उसमें एक सिक्का डालें। परंपरा के अनुसार, उपलब्ध होने पर इसमें पवित्र नदी का जल भी मिलाया जा सकता है। इसके बाद कलश के जल को पवित्र मानते हुए गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी जैसी नदियों का स्मरण करें। इस दौरान वरुण देव का भी आह्वान किया जाता है। जल की शुद्धता और पवित्रता के लिए यह मंत्र पढ़ सकते हैं:
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

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कलश के ऊपर कैसे रखें नारियल? - फोटो : Adobe Stock

कलश के ऊपर कैसे रखें नारियल?

  • कलश के मुख पर मौली या कलावा बांधें। इसके बाद कलश को मिट्टी की कटोरी से ढक दें।
  • कटोरी में जौ भरें।
  • यदि जौ उपलब्ध न हों, तो परंपरा के अनुसार चावल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  • अब जटा वाले नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलावे से बांधें और उसे कटोरी के ऊपर सावधानी से स्थापित करें।
  • नारियल रखते समय ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह स्थिर हो और गिरने की आशंका न रहे।
  • पूजा की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि कलश और उसके ऊपर रखी सामग्री सुरक्षित रहे।
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क्या कलश के ऊपर दीपक जलाना चाहिए? - फोटो : freepik

क्या कलश के ऊपर दीपक जलाना चाहिए?

  • कलश स्थापना के दौरान एक सामान्य सवाल यह होता है कि क्या कलश के ऊपर रखी कटोरी में दीपक जलाया जा सकता है।
  • प्रचलित पूजा-विधि के अनुसार, कलश के ऊपर दीपक जलाने से बचना चाहिए। दीपक को अलग और सुरक्षित स्थान पर रखना उचित माना जाता है।
  • वास्तु परंपरा में दीपक के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को महत्व दिया जाता है, जबकि कलश स्थापना के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है।
  • इसलिए दोनों की व्यवस्था अलग-अलग रखें और दीपक ऐसी जगह जलाएं, जहां आग लगने का खतरा न हो।
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