Puja Path: हिंदू धर्म के अनुसार, सप्ताह का हर दिन स्वयं में मंगलकारी होता है। सप्ताह का हर दिन किसी खास देवी या देवता को समर्पित होता है। साथ ही हर दिन अलग-अलग उपवास या व्रत का विधान बनाया गया है। हर किसी के लिए सप्ताह के सात दिनों में से कोई ना कोई एक दिन बहुत महत्व रखता है। इसके अलावा अपनी किसी खास इच्छा पूर्ति के लिए लोग सप्ताह के किसी खास दिन व्रत रखते हैं। विशेष तिथियों या दिनों को व्रत-उपवास रखने से शरीर और मन शुद्ध होता है। साथ ही मनचाही इच्छाएं भी पूरी होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि सप्ताह में किस दिन किस फल प्राप्ति के लिए व्रत रखा जा सकता है...
Puja Path: सप्ताह के हर दिन हैं खास, जानिए कौन सा व्रत करने से होता है क्या लाभ
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मंगलवार व्रत
मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। इस दिन पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से व्रत रखने पर हनुमत कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। हनुमान जी की पूजा से बल-बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है।
बुधवार व्रत
कहा जाता है कि बुधवार गणेश जी का वार है। शुभ, लाभ, सौभाग्य और करियर-कारोबार में तरक्की की मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान गणेश और बुध ग्रह के लिए व्रत अवश्य रखना चाहिए। इस दिन आप ‘ॐ श्री गणेशाय नमः’ का जाप कर सकते हैं।
गुरुवार व्रत
गुरुवार का दिन विष्णु भगवान, साईं बाबा और बृहस्पति के नाम होता है। इस दिन व्रत करने से साधक के जीवन में मान-सम्मान, सुख-संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है।
शुक्रवार व्रत
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी, मां संतोषी की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता ही कि इस दिन व्रत करने से पुत्र की आयु बढ़ती है।
शनिवार व्रत
शनिवार का दिन शनिदेव की साधना के लिए समर्पित है। अगर शनि देव अशुभ फल दे रहे हैं, तो शनिवार के दिन व्रत रखने से सभी दुख दूर होते हैं।
रविवार व्रत
रविवार का दिन सूर्यदेव की साधना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि शत्रुओं पर विजय प्राप्ति की कामना के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है।
- व्रत दो प्रकार से रखा जाता है- निर्जल व्रत और फलाहारी या जलीय व्रत
- विशेषज्ञों की माने तो निर्जल व्रत पूर्ण रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति को ही रखना चाहिए
- अन्य या सामान्य लोगों को फलाहारी या जलीय उपवास रखना चाहिए
- व्रत में अधिक से अधिक समय ईश्वर ध्यान या उपासना में लगाना चाहिए