सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष रूप से समर्पित होता है। शिव पुराण में भी इस व्रत की महिमा का विस्तृत उल्लेख मिलता है। विशेषकर महिलाएं भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने हेतु इस व्रत का पालन करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से व्यापार और करियर में सफलता प्राप्त होती है। इस व्रत को करने वाली महिलाओं के जीवन में कभी किसी प्रकार की कमी नहीं रहती। साथ ही अविवाहित कन्याओं की विवाह संबंधी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। इस बार अप्रैल का महीना शिवभक्तों के लिए बेहद खास और विशेष है। चैत्र माह की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला गुरु प्रदोष व्रत इस वर्ष अप्रैल 2025, गुरुवार को आ रहा है और वो भी एक अत्यंत शुभ योग के साथ। तो आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे कि इस बार 9 अप्रैल या 10 अप्रैल, कब है प्रदोष व्रत। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
Pradosh Vrat 2025: 9 या 10 अप्रैल, कब रखा जाएगा पहला गुरु प्रदोष व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:43 PM IST
सार
चैत्र माह की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला गुरु प्रदोष व्रत इस वर्ष अप्रैल 2025, गुरुवार को आ रहा है और वो भी एक अत्यंत शुभ योग के साथ। तो आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे कि इस बार 9 अप्रैल या 10 अप्रैल, कब है प्रदोष व्रत। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
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