सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होता है। यह पितरों की विदाई का दिन होता है। इसे पितृ विसर्जन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। 17 सितंबर गुरुवार के दिन सर्व पितृ अमावस्या है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या पितृ अमावस्या कहलाती है।
2 of 8
पित विसर्जन अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
इस दिन श्राद्ध पक्ष का समापन होता है और पितृ लोक से आए हुए पितृजन अपने लोक लौट जाते हैं। पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन ब्राह्मण भोजन तथा दान आदि से पितृजन तृप्त होते हैं और जाते समय अपने पुत्र, पौत्रों और परिवार को आशीर्वाद देकर जाते हैं।
3 of 8
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
अश्विन अमावस्या मुहूर्त
अमावस्या तिथि शुरू: 19:58:17 बजे से (सितंबर 16, 2020)
अमावस्या तिथि समाप्त: 16:31:32 बजे (सितंबर 17, 2020)
4 of 8
पितृ विसर्जनी अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि गुरुवार का दिन पितरों के विसर्जन के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन पितरों को विदा करने से पितृ देव बहुत प्रसन्न होते हैं। क्योंकि यह मोक्ष देने वाले भगवान विष्णु की पूजा का दिन माना जाता है। इस कारण सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों का विसर्जन विधि विधान से किया जाना चाहिए।
5 of 8
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : अमर उजाला
माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास से नमन कर अपने पितरों को विदा करता है उसके पितृ देव उसके घर-परिवार में खुशियां भर देते हैं। जिस घर के पितृ प्रसन्न होते हैं पुत्र प्राप्ति और मांगलिक कार्यक्रम उन्हीं घरों में होते हैं।