शास्त्रों में मनुष्य के जीवन से संबंधित हर कार्य के लिए अाचार-व्यवहार एवं नियम बनाए गए हैं और बताया गया है कि इन नियमों का पालन करने से जहां मनुष्य अपना जीवन सुखी बना सकता है वहीं मोक्ष पाने का भी अधिकारी होता है। जो मनुष्य इन बातों की अनदेखी करके मनमाने तरीके से जीवन को भोगते हैं वह अपने इस जीवन को तो खराब करते ही है अगले जन्मों में भी उन्हें दुख भोगना पड़ता है।
इस समय यौन संबंध बनाने वाले सात जन्मों तक रोगी और दरिद्र होते हैं
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Thu, 15 Sep 2016 10:02 AM IST
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इस समय यौन संबंध बनाने वाले सात जन्मों तक रोगी और दरिद्र होते हैं
इस समय यौन संबंध बनाने वाले सात जन्मों तक रोगी और दरिद्र होते हैं
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