महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिवजी को समर्पित है। यह त्योहार प्रतिवर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-आराधना की जाती है। शिवजी के प्रतीक शिवलिंग का गंगा जल, दूध, पंचामृत आदि से अभिषेक किया जाता है। इस दिन भगवान शिव के मंदिरों में भक्तों का तांता लग जाता है। हिन्दू धर्म के पौराणिक शास्त्रों में शिवजी से जुड़े 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में बताया गया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहां भी भक्तों की भारी मात्रा भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग के बीच का अंतर जानते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
Mahashivratri 2021 : शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में होता है ये अंतर, जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा
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ज्योतिर्लिंग से संबंधित कथा का वर्णन शिवपुराण में मिलता है- कहते हैं एकबार ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु जी में इस बात को लेकर विवाद हो गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है,ऐसी स्थिति में दोनों का भ्रम दूर करने के लिए भगवान शिव एक महान ज्योति स्तंभ के रूप में प्रकट हुए, जिसकी थाह शिवजी और ब्रह्माजी नहीं पा सके। इसी को ज्योतिर्लिंग कहा गया। यहां ज्योतिर्लिंग से आशय भगवान शिव के ज्योति के रूप में प्रकट होने से है। ज्योतिर्लिंग स्वयंभू हैं जबकि शिवलिंग मानव द्वारा स्थापित अथवा स्वयंभू दोनों ही हो सकते हैं। देशभर में 12 ज्योतिर्लिंग हैं। मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से मनुष्य के समस्त प्रकार के पाप मिट जाते हैं।
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां पर देवताओं द्वारा बनवाया गया एक पवित्र कुंड भी है, जिसे सोमकुण्ड कहते हैं।
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है।
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
उज्जैन (मध्य प्रदेश) में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है।
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में शिव का यह पावन धाम स्थित है। इंदौर शहर के पास जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है।
केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड में हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है।
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है।