कम ही लोगों को ये पता होता है का वर्ष में दो नहीं बल्कि चार नवरात्रि आती हैं। वर्ष में क्रमश: माघ, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन माह में नवरात्रि पड़ती हैं। इनमें चैत्र माह और अश्विन माह की नवरात्रि साधारण जन के लिए होती हैं। चैत्र की नवरात्रि को बसंत नवरात्रि और अश्विन की नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। तो वहीं माघ माह और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि आती हैं। नवरात्रि में जहां मां के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाता है तो वहीं गुप्त नवरात्रि में मां आदिशक्ति की दसमहाविद्याओं की साधना की जाती है। माघ माह में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार से शुरू हो रही है। तो चलिए जानते हैं गुप्त नवरात्रि का महत्व प्रतिपदा तिथि और घटस्थापना मुहूर्त....
माघ गुप्त नवरात्रि 2021: मां आदशक्ति की उपासना का पर्व गुप्त नवरात्रि, जानिए तिथि, महत्व और दस महाविद्याओं के नाम
गुप्त नवरात्रि में तंत्र अर्थात वाममार्गी साधना की जाती है। इस नवरात्रि की पूजा गुप्त रूप से की जाती है। गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना करने वालों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। गुप्त नवरात्रि विशेषतौर पर गुप्त सिद्धियां प्राप्त करने के लिए बहुत उत्तम मानी जाती हैं। गुप्त नवरात्रि में मां की दसमहाविद्याओं की साधना करने से साधक की हर मनोकामना पूर्ण होती है और कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।
नवरात्रि 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार
प्रतिपदा तिथि आरंभ- 11 फरवरी 2021 दिन बृहस्पतिवार दिन रात 12 बजकर 34 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त- 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार की रात 02 बजकर 29 मिनट पर
कलश स्थापना मुहूर्त- प्रातः 08 बजकर 34 मिनट से लेकर 09 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 58 मिनट तक
गुप्त नवरात्रि दसमहाविद्याएं
1. मां काली,
2. तारा देवी,
3. त्रिपुर सुंदरी,
4. भुवनेश्वरी,
5. माता छिन्नमस्ता,
6. त्रिपुर भैरवी,
7. मां ध्रूमावती,
8. माता बगलामुखी,
9. माता मातंगी,
10. कमला देवी