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Lathmar Holi 2022: बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली, जानिए कैसे शुरू हुई ये परंपरा

Sun, 06 Mar 2022 10:14 AM IST
आशिकी पटेल कन्वर्जेन्स डेस्क, अमर उजाला
कन्वर्जेन्स डेस्क, अमर उजाला Published by: आशिकी पटेल Updated Sun, 06 Mar 2022 10:14 AM IST
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Lathmar Holi 2022 date in barsana vrindawan know how this tradition started
बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली - फोटो : iStock

Lathmar Holi 2022: हिंदू धर्म में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं। हिंदी पंचांग के अनुसार 17 फरवरी से फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। फाल्गुन माह में कई बड़े व्रत और त्योहार पड़ते हैं। कुछ ही दिनों में होली का त्योहार है, जिसे लेकर देशभर में काफी ज्यादा उत्साह रहता है। वैसे तो होली का त्योहार मुख्य रूप से रंगों का त्योहार है। इस दिन हिन्दू धर्म के लोग एक जुट होकर खुशियां मनाते हैं और एक दूसरे को प्यार के रंगों में सराबोर करके अपनी खुशी जाहिर करते हैं, लेकिन भारत में एक ऐसी भी जगह है जहां रंगों की होली बाद में खेली जाती है पहले खुशियों के नाम पर महिलाएं परुषों पर लाठी बरसाती हैं और इस रस्म का सभी पूरा आनंद उठाते हैं। इसे लट्ठमार होली कहा जाता है। बरसाना की लट्ठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ये होली राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक मानी जाती है। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...  

Lathmar Holi 2022 date in barsana vrindawan know how this tradition started
बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली - फोटो : iStock
  • हर साल होली से कुछ दिन पहले मथुरा में लट्ठमार होली का आयोजन किया जाता है। इस बार लट्ठमार होली 11 मार्च को खेली जाएगी। कहा जाता है कि द्वापरयुग में श्रीकृष्ण ने राधारानी और गोपियों के साथ लट्ठमार होली खेलने की शुरुआत की थी। तब से आज तक ये परंपरा चली आ रही है।
Lathmar Holi 2022 date in barsana vrindawan know how this tradition started
बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली - फोटो : iStock
ऐसे हुई थी शुरुआत 
  • कहा जाता है कि द्वापरयुग में नंदगांव के नटखट कन्हैया अपने सखाओं के साथ राधा और अन्य गोपियों के साथ होली खेलने और उन्हें सताने के लिए बरसाना पहुंच जाया करते थे। राधा और उनकी सखियां कृष्ण और उनके सखाओं की हरकतों से परेशान होकर उन्हें सबक सिखाने के लिए उन पर लाठियां बरसाया करती थीं। वहीं उनके वार से बचने के लिए कृष्ण और उनके सखा ढालों प्रयोग करते थे। धीरे-धीरे उनका ये प्रेमपूर्वक होली खेलने का तरीका परंपरा बन गया। तब से आज तक इस परंपरा को निभाया जा रहा है और हर साल बड़े स्तर पर बरसाना में लट्ठमार होली का आयोजन होता है। 
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बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली - फोटो : iStock
नंदगांव और बरसाना के लोगों के बीच खेली जाती है लट्ठमार होली
  • लट्ठमार होली के दिन पूरे ब्रज में उत्साह देखने को मिलता है। यहां की होली में नंदगांव के पुरुष और बरसाने की महिलाएं भाग लेती हैं, क्योंकि कृष्ण नंदगांव के थे और राधा बरसाने की थीं। इस दौरान नंदगांव के लोग कमर पर फेंटा लगाकर बरसाना की महिलाओं के साथ होली खेलने पहुंचते हैं। इस बीच बरसाने की महिलाएं उन पर लाठियां भांजती हैं और पुरुष ढाल का इस्तेमाल कर उनकी लाठियों से बचने का प्रयास करते हैं। इस त्योहार को देखने के लिए लोग दूर से दूर से मथुरा आते हैं। 
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बरसाने में इस दिन मनाई जाएगी लट्ठमार होली - फोटो : iStock
होली 2022 का कैलेंडर 
  •  4 मार्च, शुक्रवार- फुलैरा दूज
  • 10 मार्च, गुरुवार- नंदगांव में फाग आमंत्रण महोत्सव, बरसाना में लड्डू होली, होलाष्टक प्रारंभ
  • 11 मार्च, शुक्रवार- बरसाना में लट्ठमार होली
  • 12 मार्च, शनिवार- नंदगांव में लट्ठमार होली
  • 14 मार्च, सोमवार- रंगभरी एकादशी
  • 17 मार्च, गुरुवार-  होलिका दहन, छोटी होली
  • 18 मार्च, शुक्रवार- होली उत्सव
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