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kartik purnima 2020: कब है कार्तिक पूर्णिमा,जानिए दान-स्नान का महत्व और कथा

Sat, 21 Nov 2020 07:31 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Sat, 21 Nov 2020 07:31 AM IST
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Karthik Purnima 2020 know the date timing and significance of karitk purnima
पुराणों में भी इस पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि कार्तिक माह विष्णु जी को प्रिय होता है।

कार्तिक मास की अमावस्या का जितना महत्व माना गया है उतना ही महत्व कार्तिक मास की पूर्णिमा का माना जाता है। इस बार कार्तिक मास की पूर्णिमा 30 नवंबर को पड़ रही है। इस दिन दान और गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। इसी दिन गुरुनानक जयंती होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। पुराणों में भी इस पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि कार्तिक माह विष्णु जी को प्रिय होता है। इस दिन देव दिवाली मनाने की भी परंपरा है। जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर दान-स्नान का महत्व और कथा

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कार्तिक पूर्णिमा - फोटो : ani

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि  दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्नान करने के पश्चात दान भी अवश्य करना चाहिए। कार्तिक मास की पूर्णमा पर दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से सारे पापो का नाश होता है। इस दिन गंगा नदी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। 

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जानते हैं पूर्णिमा तिथि कब से कब तक
कार्तिक पूर्णिमा आरंभ-29 नवंबर 2020 को रात 12 बजकर 47 मिनट से
कार्तिक पूर्णिमा समाप्त-30 नवंबर 2020 को रात 02 बजकर 59 मिनट तक 
29 नवंबर की रात्रि में पूर्णिमा तिथि लगने के कारण 30 नवंबर को दान-स्नान किया जाएगा।

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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

यह है पौराणिक कथा
एक पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी ब्रह्म सरोवर पुष्कर में अवतरित हुए थे। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर में स्नान को दिव्य माना गया है। कहा जाता है कि राजस्थान के पुष्कर में ही ब्रह्मा जी का एक मात्र मंदिर है। इस दिन इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

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