धरती पर देवी गंगा के आगमन की तिथि के बारे में ब्रह्म पुराण में बताया गया है कि 'ज्येष्ठे मासि सिते पक्षे दशमी हस्तसंयुता। हरते दशा पापानि तस्माद् दशहरा स्मृता।। यानि ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन हस्त नक्षत्र में गंगा का पृथ्वी पर आगमन हुआ। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान से दश पापों से मुक्ति मिलती है। इस वर्ष गंगा दशहरा 14 जून को है। 15 जून को भी दशमी तिथि होने से गंगा दशहरा में स्नान दान का पुण्य इस वर्ष दो दिनों तक प्राप्त होगा। गंगा दशहरा के अवसर पर जानिए आखिर गंगा तट पर मृत्यु और गंगा में अस्थि वसर्जन के बारे में क्या कहते हैं पुराण।
इसलिए गंगा में अस्थि वसर्जन के लिए दूर-दूर से आते हैं लोग
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:53 AM IST
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इसलिए गंगा में अस्थि वसर्जन के लिए दूर-दूर से आते हैं लोग
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