{"_id":"5799f8944f1c1b1a4f21e731","slug":"five-strong-step-of-draupadi-in-mahabharat","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला
Thu, 28 Jul 2016 10:06 PM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Thu, 28 Jul 2016 10:06 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
द्रौपदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
महाभारत में द्रौपदी के कई रूप देखने को मिलते हैं। लेकिन चीर हरण से पहले की द्रौपदी और उसके बाद की द्रौपदी के चरित्र में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। चीर हरण की घटना से पहले द्रौपदी आम बहूओं की तरह मर्यादा और शील के साथ व्यवहार करने वाली हैं। लेकिन चीर हरण के बाद द्रौपदी का उग्र रूप सामने आता है और द्रौपदी ऐसे पांच काम करती है जो आज की महिलाएं भी करने से पहले हजार बार सोचेगी।
द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला
2 of 6
द्रौपदी वस्त्रहरण
कोई भी स्त्री अपने ऋतुकाल के बारे में आज भी किसी पुरुष से नहीं कहती है। लेकिन द्रौपदी को अपने ऋतुकाल के बारे में कहना पड़ा क्योंकि पांडवों द्वारा द्रौपदी को जुए में हार जाने के बाद दुशासन उन्हें बालों से खींचकर राजसभा में ले जाने लगा। द्रौपदी ने दुशासन से कहा कि वह उन्होंने अभी ऋतु स्नान नहीं किया है इसलिए वह सभा में नहीं जा सकती।
द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला
3 of 6
द्रौपदी
दूसरी बार जब पांडवों को चौसर खेलने के लिए बुलाया गया तो द्रौपदी ने शर्म लिहाज को छोड़कर राजसभा में पांडवों के साथ बैठने का निर्णय लिया। उन दिनों चौसर की सभा में महिलाएं नहीं आती थी। लेकिन द्रौपदी ने इस प्रथा का अंत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला
4 of 6
द्रौपदी
दुशासन ने द्रौपदी के बाल खींचे थे और चीर हरण करने का प्रयास किया था। द्रौपदी ने इसके लिए भरी राज सभा में कहा कि अब उनके बाल तब तक खुले रहेंगे जब तक इन पर दुशासन की छाती का लहू नहीं मलूंगी।
विज्ञापन
द्रौपदी ने तब 5 बार शर्म छोड़कर लिया था बड़ा फैसला
5 of 6
द्रौपदी
अज्ञातवास के समय द्रौपदी राजा विराट की पत्नी की दासी सैरेन्द्री बनकर रह रही थी। उन दिनों विराट नरेश के साले कीचक ने द्रौपदी को देखा तो कामांध होकर रात के समय अपने कक्ष में बुलाया। द्रौपदी हिम्मत नहीं हारी और चुपके से भीम और अर्जुन को सब हाल कह डाला और कीचक का वध करवा दिया।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।