धार्मिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि देव और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के समय जो अमृत धरती पर मिला उसी के प्रभाव से ही तुलसी की उत्पत्ति हुई। तुलसी मुख्यता तीन प्रकार की होती हैं- कृष्ण तुलसी, सफेद तुलसी तथा राम तुलसी जिसमें से कृष्ण तुलसी सर्वप्रिय मानी जाती है। अगली स्लाइड्स में जानते हैं-
Tulsi Vivah 2019: तुलसी पूजन से पहले जान लें इन 5 बातों को, भूलकर भी न करें ऐसी गलती
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तुलसी के सामने दीपक जलाने का महत्त्व
तुलसी के पौधे के पास शाम को दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और घर में तुलसी होने से नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है।
तुलसी पूजन क्यों किया जाता है?
हिंदू परिवारों में तुलसी पूजन को सुख और कल्याण के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। स्कन्द पुराण के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा होता है और उसकी पूजा की जाती है उस घर में यमदूत कभी प्रवेश नहीं करते। माना जाता है कि भगवान कृष्ण के भोग में और सत्यनारायण की कथा के प्रसाद में तुलसी के पत्तों के बिना प्रसाद अधूरा रहता है।
तुलसी की पत्तियां चंद्रग्रहण, एकादशी और रविवार के दिन नहीं तोड़नी चाहिए और सूर्य के छिपने के बाद भी तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए।
सुबह-सुबह तुलसी का दर्शन करने से सवा ग्राम सोने के दान का फल भी मिलता है। घरों में लगी हुई तुलसी मनुष्यों के लिए कल्याणकारिणी, धन पुत्र प्रदान करने वाली, पुण्यदायिनी तथा हरिभक्ति देने वाली होती है।