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Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली? जानिए इस दिन दीपदान का महत्व

Mon, 07 Nov 2022 07:23 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 07 Nov 2022 07:23 AM IST
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Dev Diwali 2022 Why is Dev Diwali celebrated Know the importance of deepdan
Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली - फोटो : अमर उजाला

Dev Diwali 2022: इस बार कार्तिक पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण लगने की वजह से देव दीपावली का पर्व 07 नवंबर को मनाया जा रहा है। दिवाली के ठीक 15 दिन बाद देव दीपावली मनाई जाती है।  पौराणिक मान्यता है कि देव दीपावली के दिन देवता काशी की पवित्र भूमि पर उतरते हैं और दिवाली मनाते हैं। मुख्य रूप से देव दिवाली काशी में गंगा नदी के तट पर मनाई जाती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। वहीं काशी नगरी में देव दीपावली का अलग ही उल्लास देखने को मिलता है। हर ओर साज-सज्जा की जाती है और गंगा घाट पर हर ओर मिट्टी के दिए प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दिन दीपक के प्रकाश, जप, दान व स्नान का विशेष महत्व रहता है। ऐसा करने से व्यक्ति पर लक्ष्मी नारायण की कृपा होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि देव दीपावली क्यों मनाई जाती है और इस दिन दीपदान का क्या महत्व है... 



Dev Diwali 2022: क्या चंद्र ग्रहण के कारण बदल जाएगी देव दीपावली की तारीख? जानिए सही तिथि और दीप दान का महत्व

Dev Diwali 2022 Why is Dev Diwali celebrated Know the importance of deepdan
Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली - फोटो : iStock

क्यों मनाई जाती है देव दिवाली ?
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार त्रिपुरासुर राक्षस ने अपने आतंक से मनुष्यों सहित देवी-देवताओं और ऋषि मुनियों को भी परेशान कर दिया था, उसके त्रास के कारण हर कोई त्राहि-त्राहि कर रहा था। तब सभी देव गणों ने शिव जी से उस राक्षस का अंत करने के लिए निवेदन किया। जिसके बाद भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर दिया। इसी खुशी में सभी इससे देवता अत्यंत प्रसन्न हुए और शिव जी का आभार व्यक्त करने के लिए उनकी नगरी काशी में पधारे। देवताओं ने काशी में अनेकों दीए जलाकर खुशियां मनाई थीं। जिस दिन ये घटना हुई वो कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि थी। यही कारण है कि हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा पर आज भी काशी में दिवाली मनाई जाती है।

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Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली - फोटो : iStock

गंगा स्नान के बाद करें दीप दान
देव दीपावली यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में स्नान करने के बाद 11 दीपों का दान करें। फिर नदी किनारे स्थित किसी मंदिर में पूजा अर्चना कर घर लौट जाएं। घर जाकर मां तुलसी के गमले और मंदिर में घी का दीया जलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा होगी। 

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Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली - फोटो : iStock

घर पर जलाएं 11 दीपक
देव दीपावली के दिन घर पर घी या सरसों के तेल के 11 दीपक जलाएं। पहले मिट्टी के दिए को मां तुलसी के पास रखें। इसके बाद एक दिए को घर के दरवाजे के बाहर रखें। बाकी बचे 9 दीयों को आप मंदिर में रख दें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आपका भाग्य समृद्ध होगा और घर में मां लक्ष्मी का वास होगा।

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Dev Diwali 2022: क्यों मनाई जाती है देव दिवाली - फोटो : istock

देव दीपावली पर करें जरूरतमंदों को दान
देव दीपावली के अवसर पर घर के पास के किसी मंदिर में जाकर अपने आराध्य की पूजा करें। मंदिर में अपने आराध्य को मंत्रोच्चार करते हुए दीप दिखाएं।फिर किसी गरीब या जरूरतमंद को पैसे या अनाज का दान कर दें। ऐसा करने से आपके घर की आर्थिक उन्नति होगी और आप जीवन में काफी तरक्की करेंगे।

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