हिन्दू धर्म में पूर्व जन्म और कर्मों की अहमियत है। ऐसा माना जाता है कि पूर्व जन्म के कर्मों से ही व्यक्ति को उसके दूसरे जन्म में माता-पिता, भाई बहन, पति पत्नी, दोस्त-दुश्मन आदि रिश्ते नाते मिलते है, क्योंकि इन सबसे या तो कुछ लेना होता है या फिर कुछ देना होता है। इसी प्रकार इस जन्म के व्यक्ति के संतान के रूप में उसके पूर्व जन्म का कोई संबंधी ही ही आता है। शास्त्रों में इसे 4 प्रकार का बताया गया है।
जानिए संतान आपकी शत्रु है या मित्र, पिछले जन्म से जुड़ा है राज
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Thu, 13 Jul 2017 09:14 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन