Shukra Pradosh Vrat Date and Puja Vidhi: आज यानी 07 अक्टूबर को शुक्र प्रदोष व्रत है। शुक्रवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रदोष व्रत को खास महत्व दिया गया है। इस दिन भगवान भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं और शुभ समय में शिव जी की पूजा करते हैं। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत और पूजन करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही व्यक्ति के जीवन में खुशियां आती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं प्रदोष व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजन विधि...
Shukra Pradosh Vrat: शुक्र प्रदोष व्रत आज, जानिए शिव जी की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
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शुक्र प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 07 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 7 बजकर 26 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 08 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा। वहीं प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 07 अक्टूबर को शाम 6 बजे से लेकर रात 8 बजकर 28 मिनट तक है।
प्रदोष व्रत पूजा विधि
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें। इसके बाद भगवान भोलेनाथ के सामने दीपक प्रज्वलित कर प्रदोष व्रत का संकल्प लें। संध्या समय शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करें।
गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें। फिर विधिपूर्वक पूजन करें और आरती उतारें।
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत वाले दिन प्रदोष काल का समय शुभ माना जाता है। इस दौरान की गईं सभी प्रकार प्रार्थनाएं और पूजा सफल मानी जाती हैं। इस व्रत को करने से रोग, ग्रह दोष, कष्ट, पाप आदि से मुक्ति मिलती है। साथ ही इस व्रत के पुण्य प्रभाव से नि:संतान लोगों को पुत्र भी प्राप्त होता है।