Shukra Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का खास महत्व माना गया है। उनकी कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। धार्मिक ग्रंथों में महादेव की महिमा का उल्लेख भलिभांति देखने को मिलता है। कहते हैं कि यदि सच्चे प्रेम भाव से प्रभु को केवल बेलपत्र चढ़ाया जाए, तो वह प्रसन्न होकर सभी कष्टों का निवारण करते हैं। लेकिन महाकाल की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए प्रदोष तिथि को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
Shukra Pradosh Vrat 2025: शुक्र प्रदोष व्रत पर इन मंत्रों का करें जाप, अकाल मृत्यु का भय होगा समाप्त
इस बार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 25 अप्रैल को सुबह 11: 44 मिनट पर होगी। इसका समापन 26 अप्रैल के दिन सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर है।
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महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
सुख और शांति प्राप्त करने का मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा ।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व ।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।