Sawan 2024: जल्द सावन माह की शुरुआत होने वाली है, इस दौरान आने वाले प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की पूजा का विधान है। सावन में महादेव की विधिनुसार पूजा अर्चना करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस साल 22 जुलाई, सोमवार से इसकी शुरुआत हो रही है। ऐसे में पहला सोमवार सभी के लिए बेहद खास होने वाला है। इस दिन व्रत रखने का विधान है।
Sawan 2024: शिवलिंग की पूजा करते समय कभी न चढ़ाएं ये 4 चीजें, मानी गई हैं वर्जित
Sawan 2024: जल्द सावन माह की शुरुआत होने वाली है, इस दौरान आने वाले प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की पूजा का विधान है।
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तुलसी की पत्तियां नहीं चढ़ानी चाहिए
हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है, क्योंकि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है। मान्यता है कि शिवलिंग की पूजा करते समय उस पर कभी भी तुलसी की पत्तियां नहीं चढ़ानी चाहिए। कहा जाता है कि भगवान शिव ने तुलसी के पति का वध किया था, इसलिए उन्होंने भगवान शिव को अपने दैवीय गुणों वाले पत्तों से वंचित कर दिया था। तभी से शिव पूजन में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है।
नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए
शिवलिंग पर नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी नारियल भगवान की पूजा में उपयोग होता है, उसको बाद में प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है। हालांकि शिवलिंग का अभिषेक जिन भी चीजों से होता है, उन्हें ग्रहण करने की मनाही होती है। इसलिए कभी भी शिवलिंग पर नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।
केतकी का फूल अर्पित न करें
सावन में महादेव की पूजा का विधान है। उनका आशीर्वाद पाने के लिए कुछ लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं और विधि-विधान से महादेव की पूजा करते हैं। इस दौरान भूलकर भी उन्हें केतकी का फूल अर्पित न करें। मान्यताओं के अनुसार केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी का झूठ में साथ दिया था। इस बात से नाराज होकर महादेव ने केतकी के फूल को श्राप दिया था। तभी से इस फूल को अर्पित करने की मनाही होती है।
शंख का प्रयोग वर्जित
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महादेव ने शंखचूड़ नामक राक्षस का वध किया था। कहा जाता है कि उसी राक्षस से शंख उत्पन्न हुआ था। तभी से भगवान शिव की पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित माना गया है। यही नहीं भोलेनाथ को शंख जल अर्पण भी नहीं किया जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।