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Rang Panchami 2020: जानें क्यों मनाई जाती है रंग पंचमी, क्या है इसका महत्व

Fri, 13 Mar 2020 03:24 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 13 Mar 2020 03:24 PM IST
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Happy Rang Panchami 2020 Date, Significance and Celebration
रंग पंचमी 2020 - फोटो : self

आज रंग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रति वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। दरअसल रंग पंचमी का पर्व होली त्योहार के अंतर्गत ही आता है। होली का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ हो जाता है और पंचमी तिथि तक चलता है। पंचमी तिथि पर पड़ने के कारण ही इसे रंग पंचमी का पर्व कहते हैं। आइए रंग पंचमी के बारे में जानते हैं विस्तार से...अगली स्लाइड देखें

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गुलाल - फोटो : पीटीआई

रंग पंचमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह दिन देवताओं को समर्पित होता है। ऐसा कहा जाता है कि रंग पंचमी के दिन रंगों के प्रयोग से सृष्टि में सकारात्मक ऊर्जा का संवहन होता है। इसी सकारात्मक ऊर्जा में लोगों को देवताओं के स्पर्श की अनुभूति होती है। वहीं सामाजिक दृष्टि से इस त्योहार का महत्व है। यह त्योहार प्रेम-सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है।

Happy Rang Panchami 2020 Date, Significance and Celebration
होली में उड़े रे गुलाल - फोटो : अमर उजाला

महाराष्ट्र में होली के बाद रंग पंचमी खेलने की है परंपरा
महाराष्ट्र में रंग पंचमी का पर्व खूब धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें लोग सूखे गुलाल के साथ रंग खेलते हैं। इस दिन विशेष प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं और मित्रों और रिश्तेदारों को दावत दी जाती है। नृत्य, गीत और संगीत के साथ यह उत्सव मनाया जाता है। महाराष्ट्र के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी रंग पंचमी धूमधाम के साथ खेली जाती है।

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रंग पंचमी 2020 - फोटो : पेक्सेल्स

रंग पंचमी की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है कि त्रेतायुग के प्रारंभ में जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने धूलि वंदन किया था। धूलि वंदन से आशय ये है कि 'उस युग में श्री विष्णु ने अलग-अलग तेजोमय रंगों से अवतार कार्य का आरंभ किया। अवतार निर्मित होने पर उसे तेजोमय, अर्थात विविध रंगों की सहायता से दर्शन रूप में वर्णित किया गया है। होली ब्रह्मांड का एक तेजोत्सव है। ब्रह्मांड में अनेक रंग आवश्यकता के अनुसार साकार होते हैं और संबंधित घटक के कार्य के लिए पूरक व पोषक वातावरण की निर्मित करते हैं।

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