मोक्षदा एकादशी व्रत 25 दिसंबर को रखा जाएगा। मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी कहलाती है। मोक्ष की प्राप्ति के लिए एकादशी व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मोक्षदा एकादशी व्रत के प्रभाव से मनुष्य के पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और व्रती को स्वर्गलोक प्राप्त होता है। शास्त्रों में एकादशी के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। ये नियम इस प्रकार हैं-
Mokshda Ekadashi 2021: मोक्षदा एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये छह काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के पावन दिन किसी भी पेड़-पौधे के फूल एवं पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। यदि जगत के पालहार भगवान विष्णुजी की पूजा में तुलसी पत्ता चढ़ाना है तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए।
एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। इसके अलावा इस दिन जौ, मसूर की दाल, बैंगन और सेमफली नहीं खानी चाहिए।
एकादशी के दिन मांस, मदिरा, प्याज़, लहसुन जैसी तामसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए। साथ ही इस दिन किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा दिया गया अन्न भी ग्रहण नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इससे पुण्य नष्ट हो जाते है।
शास्त्रों के नियमानुसार एकादशी के दिन किसी व्यक्ति की निंदा और गुस्सा नहीं करना चाहिए। वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए। गरीब और लाचार लोगों का उपहास नहीं उड़ाना चाहिए।