Janmashtami 2020: भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर होती है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त इस अवसर पर उनकी आराधना में उपवास करते हैं। बाल गोपाल के लिए झूला सजाते हैं और उन्हें 56 भोग आदि का प्रसाद चढ़ाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं में निपुण थे और उनकी लीलाएं भी अमर हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर हम आपको प्रभु श्रीकृष्ण दस प्रमुख लीलाएं बता रहे हैं जो इस प्रकार हैं:-
2 of 11
कंस
- फोटो : blog.sagarworld.com
श्री कृष्ण ने कंस के कारावास में जन्म लिया और इनका जन्म होते ही कारावास के दरवाजे खुल गए और प्रहरी गहरी नींद में सो गए। साथ ही आकाशवाणी भी हुई कि बच्चे को नंदगांव में नंदराय जी के घर पहुंचा दो और नंदराय की नवजात कन्या को लेकर आ जाओ। यह श्री कृष्ण के महामानव होने का पहला संकेत था।
3 of 11
मंचन: कंस के साथ संवाद करते कृष्ण और बलराम
- फोटो : Amar Ujala
कंस मामा को जब कृष्ण जन्म की सूचना मिली तो पूतना नाम की राक्षसी को कृष्ण को मारने के लिए भेजा। पूतना ने कृष्ण को चुरा लिया और अपने वक्ष पर जहर लगाकर उन्हें अपना दूध पिलाने लगी। श्री कृष्ण ने पूतना के वक्ष स्थल से उसके प्राण ही खींच लिए और विशालकाय राक्षसी खुद मृत्यु को प्राप्त हो गई।
4 of 11
भगवान श्रीकृष्ण
- फोटो : अमर उजाला
एक दिन खेल खेल में श्री कृष्ण यमुना नदी में कूद पड़े और पहुंच गए कालिया नाग के सामने। कालिया का वध कृष्ण करने ही वाले थे कि नाग कन्याएं प्राण की रक्षा की प्रार्थना करने लगी। श्री कृष्ण ने कालिया को नंद गांव से दूर जाने के लिए कह कर माफ कर दिया।
5 of 11
भगवान श्रीकृष्ण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
इंद्र द्वारा मूसलाधार बरसात किए जाने पर नंदगांव के पशुओं और लोगों की रक्षा के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और कई दिनों तक सक कुछ सामान्य चलता रहा तब इंद्र को माफी मांगने के लिए श्री कृष्ण के सामने आना पड़ा।