21 जून को हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में योग का प्रसार-प्रचार बढ़ा है और इसमें भारत की भूमिका भी अहम रही है। योग से व्यक्ति का मन और शरीर दोनों ही स्वस्थ्य रहता है। कोरोना वायरस के इस बार विश्व योग दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो रहा है। इसलिए आप अपने घर योग दिवस मनाएं। योग दिवस के मौके पर हम आपको आसान योग बताएंगे, जो इस प्रकार है -
International Yoga Day 2020: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जरूर करें ये प्राणायाम
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योग दिवस के मौके आप अनुलोम-विलोम प्राणायाम जरूर करें। इस प्राणायाम की मुख्य विशेषता ये है कि यह बाएं एवं दाएं नासिकारन्ध्रों से क्रमवार श्वास-प्रश्वास को रोककर अथवा बिना श्वास-प्रश्वास रोके श्वसन किया जाता है। इसे प्रारंभ करने के लिए आप कोई ध्यान मुद्रा में बैठ सकते हैं। अपने मेरुदंड एवं सिर को सीधा रखें और आंखें बंद कर लें।
अब कुछ गहरी सांस के साथ पूरे शरीर को शिथिल कर लें। ज्ञान मुद्र में बाईं हथेली बाएं घुटने के ऊपर रखें। दायां हाथ नासाग्र मुद्रा में होना चाहिए। अनामिका एवं कनिष्ठिका उंगली बायीं नासिका पर रखनी चाहिए। मध्यमा और तर्जनी उंगली को मोड़कर रखें। दायें हाथ का अंगूठा दायीं नासिका पर रखना चाहिए।
बाईं नासिका से श्वास ग्रहण करें। इसके बाद कनिष्ठिका और अनामिका उंगलियों से बाईं नासिका को बंद कर लें। फिर दाईं नासिका से अंगूठा हटाकर वहां से धीरे-धीरे श्वास छोड़ें। इसके बाद अब यही प्रक्रिया दाईं नासिका से शुरु करें। यह पूरी प्रक्रिया नाड़ी शोधन या अनुलोम-विलोम प्राणायाम का एक चक्र है। अनुलोम-विलोम कम से कम पांच बार करना चाहिए।
इसमें सांस लेने की प्रक्रिया धीमी, एक समान एवं नियंत्रित होनी चाहिए। किसी प्रकार का दबाव या अवरोध नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से आपके शरीर में ऊर्जा को वहन करने वाले स्रोतों का शुद्धिकरण होगा। यह प्राणायाम आपके पूरे शरीर को तरोताजा बनाता है। यह आपकी एकाग्र शक्ति को मजबूती प्रदान करता है। यह कफ विकार को भी कम करने में सहायक होता है। इस प्रकार आपको अनुलोम विलोम रोजाना जरूर करना चाहिए।