{"_id":"5b52bedf4f1c1b39748b625b","slug":"devshayani-ekadashi-2018-these-measures-attract-money","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"23 जुलाई को है देवशयनी एकादशी, इन उपायों को करने से हर मनोकामना होगी पूरी, धन दौलत चूमेगी कदम","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
23 जुलाई को है देवशयनी एकादशी, इन उपायों को करने से हर मनोकामना होगी पूरी, धन दौलत चूमेगी कदम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 21 Jul 2018 03:45 PM IST
विज्ञापन
devyani ekadshi 2018
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस महीने 23 जुलाई 2018 को देवशयनी एकादशी है। इस एकादशी को मनोकामना पूर्ति के रूप में मनाया जाता है। देवशयनी एकादशी मे सारे शुभ कार्यो में विराम लग जाता है। हिंदु मान्यता के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए पाताल लोक निवास करने चले जाते हैं। कहा जाता है कि भक्तों द्वारा इस दिन कुछ उपाय करने से उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं ये विशेष उपाय...
devyani ekadshi 2018
-देवशयनी एकादशी के दिन निर्जला व्रत रखना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो एक वक्त फलाहार कर इस व्रत को रखें।
-धन-धान्य तथा लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिले जल से अभिषेक करें।
-धन-धान्य तथा लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिले जल से अभिषेक करें।
devyani ekadshi 2018
-देवशयनी एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और तुलसी के पौधे को प्रणाम करें।
-भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
-भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
devyani ekadshi 2018
-देवशयनी एकादशी के दिन सुबह उठकर घर की साफ सफाई कर घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल या फिर हल्दी के जल का छिड़काव करें।
-इस दिन "ॐ नमो नारायणाय" या "ॐ नमो भगवते वसुदेवाय नम:" का 108 बार जाप करें।
-इस दिन "ॐ नमो नारायणाय" या "ॐ नमो भगवते वसुदेवाय नम:" का 108 बार जाप करें।