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Chhath Puja 2020: नहाय-खाय के साथ आज से छठ पूजा आरंभ, जानें छठ की पूजा विधि

Wed, 18 Nov 2020 07:47 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 18 Nov 2020 07:47 AM IST
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Chhath Puja 2020 nahay Khay Date rituals and significance
छठ पूजा 2020: कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। - फोटो : अमर उजाला

छठ महापर्व 20 नवंबर को है। लेकिन इस पर्व की शुरूआत नहाय-खाय के दिन यानि 18 नवंबर से हो गई है । हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय की रस्म होती है। जबकि षष्ठी तिथि को छठ पूजा और सप्तमी के दिन व्रत का पारण किया जाता है। नहाय-खाय के दिन से ही छठ व्रत रखने वाले व्रती सूर्य देव और छठी माई का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा-अनुष्ठान शुरू कर देते हैं। 

Chhath Puja 2020 nahay Khay Date rituals and significance
छठ पूजा 2020: छठी माई और सूर्यदेव की उपासना का त्योहार। - फोटो : ANI

किया जाता है पवित्र स्नान
छठ के पहले व्रत को नहाय खाय के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रती नदी या तालाब में स्नान करके छठ व्रत करने का संकल्प लेते हैं। इस व्रत के दिन लौकी और सरसों का साग खाने का बड़ा महत्व है।

Chhath Puja 2020 nahay Khay Date rituals and significance
गंगा तट पर छठ पूजा करतीं व्रती महिलाएं एवं जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला

शुद्ध और सात्विक भोजन करने की है परंपरा
इसका कारण यह है कि कद्दू को शुद्ध और सात्विक माना जाता है। यह सुपाच्य भी होता है। जबकि सरसों का साग खाने का रिवाज इसलिए है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।

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Chhath Puja 2020 nahay Khay Date rituals and significance
छठ पूजा 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

ये हैं खास पकवान
सरसों के साग को शुद्ध माना जाता है। छठ पर्व के दौरान लौकी और सरसों का साग बहुतायत में मिलता है इसलिए भी नहाय खाय में लौकी और सरसों का साग खाया जाता है।

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Chhath Puja 2020 nahay Khay Date rituals and significance
छठ पूजा 2020: नहाय-खाय से होती है छठ पर्व की शुरूआत - फोटो : सोशल मीडिया
सरसों के साग का होता है महत्व
छठ व्रत में व्रती को काफी समय तक जल में खड़ा रहना पड़ता है, इससे सर्दी जुकाम की परेशानी न हो इसलिए व्रती सरसों का साग खाते हैं।
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