महिलाओं की जिंदगी में माहवारी के खत्म होने का दौर मेनोपॉज के नाम से जाना जाता है। लगभग 45 साल या इससे ऊपर की महिलाओं को मेनोपॉज के लक्षणों के साथ गुजरना पड़ता है। पीरियड्स के खत्म होने को ही मेनोपॉज कहते हैं। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं। जिसकी वजह से उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानें उनक समस्याओं के बारे में महिलाओं को मेनोपॉज के समय में झेलनी पड़ती है।
याद्दाश्त में कमी
मेनोपॉज से महिलाओं को भूलने की बीमारी हो सकती है। कुछ महिलाओं में यह डिसऑर्डर शुरुआती समय से तो कुछ में बाद में देखने को मिलता है। हार्मोन के कम होने से छोटी-छोटी बातें भूलने की दिक्कत होती है। यह रूटीन लाइफ को प्रभावित करता है। कॉर्टिसोल एक हार्मोन है जो मेमोरी को बनाए रखने में बहुत मददगार होता है। कॉर्टिसोल दिमाग के केमिकल को संतुलित रखता है। इसमें उतार-चढ़ाव से असंतुलन होता है जिससे शार्ट टर्म मेमोरी लॉस भी हो सकता है।
शरीर में जरूरत से ज्यादा थकावट
शरीर में अचानक से होने वाले बदलाव के कारण आप पूरा दिन थका हुआ महसूस कर सकती हैं। मेनोपॉज के बाद शरीर की एनर्जी काफी कम हो जाती है। इसमें सभी हार्मोन के लेवल जैसे की प्रोजेस्टेरोन, एस्ट्रोजन और थाइरॉइड में तेजी से बदलाव आता है। शरीर के एनर्जी लेवल को नॉर्मल बनाए रखने में ये हार्मोन मदद करते हैं। थकान को दूर करने के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है। सभी चीजें समय-समय पर करनी चाहिए साथ ही साथ अपने आहार में न्यूट्रीएंट्स का खास ध्यान भी रखना चाहिए।
हॉट फ्लैश
मेनोपॉज के बाद हॉट फ्लैश की समस्या हो सकती है। हॉट फ्लैश होने पर शरीर का तापमान अचानक से बढ़ और घट जाता है। यह किसी बाहरी कारण की वजह से नहीं होता बल्कि मेनोपॉज के बाद विकार के तौर पर होता है। हॉट फ्लैश की समस्या मेनोपॉज के बाद 10 साल तक रह सकती है। इससे गर्दन और माथे में पसीना आता है, तनाव और दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है। मेनोपॉज के लक्षण में हॉट फ्लैश के जरूरी लक्षण है।
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