Indian Air Force Day 2022: राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट के बारे में जानें
फ्रांस से साल 2020 में राफेल की पहली खेप भारत आई। राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला एयरबेस पर लैंड कराया गया। राफेल को उड़ाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना की महिला पायलट शिवांगी सिंह को दी गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Indian Air Force Day 2022: हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है। देश में वायुसेना की नींव गुलाम भारत में सन 1932 में रखी गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय वायुसेना शामिल हुई थी। तब से अब तक वायु सेना ने अपना जाबांजी और पराक्रम का लोहा कई बार मनवाया। आजाद भारत की वायुसेना ने अब तक 5 बार युद्ध में शामिल हो चुकी है। इसमें चार बार सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ी तो वहीं एक बार चीन से युद्ध किया था। भारतीय वायुसेना में जांबाज पायलट शामिल हैं, जिसमें अभिनंदन वर्धमान समेत कई भारतीय महिला पायलट भी शामिल हैं। हवाई जहाज उड़ाने से लेकर भारत की वायुसेना में फाइटर जेट उड़ाने तक के क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी देखने को मिल रही है। पिछले साल भारतीय वायुसेना के बेड़े में फ्रांस से आए राफेल शामिल हुए। इन दमदार लड़ाकू विमान राफेल को उड़ाने वाली एक महिला पायलट है। वायुसेना दिवस के मौके पर राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट के बारे में जानिए।
राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट
फ्रांस से साल 2020 में राफेल की पहली खेप भारत आई। राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला एयरबेस पर लैंड कराया गया। राफेल को उड़ाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना की महिला पायलट शिवांगी सिंह को दी गई है। शिवांगी सिंह राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो में पहली महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर शामिल हुई हैं।
शिवांगी सिंह का जीवन परिचय
राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट शिवांगी सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। वाराणसी के फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के पास उनका परिवार एक पुराने से मकान में रहता है। पायलट शिवांगी सिंह के पिता का नाम कुमारेश्वर सिंह है और उनकी माता का नाम सीमा सिंह है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह के दो भाई हैं, जिनके नाम मयंक और शुभांशु हैं। वहीं बहन का नाम हिमांशी सिंह है।
शिवांगी सिंह का शिक्षा
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ने वाराणसी से अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। यहां कैंटोनमेंट स्थित सेंट मेरीज स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई के बाद उन्होंने शिवपुर के सेंट जोजर्स कॉन्वेंट स्कूल बाईपास से 12वीं की परीक्षा पास की। पढ़ाई में होनहार शिवांगी ने 12वीं में 89 फीसदी अंक हासिल किए थे। बाद में शिवांगी ने सनबीम विमेंस कॉलेज भगवानपुर से बीएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही शिवांगी ने एनसीसी ज्वाइन कर ली।
वायुसेना की ओर शिवांगी का रुचि
शिवांगी सिंह स्पोर्ट्स मे अच्छी थीं। उन्होंने जैकलिन थ्रो में नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीता था। शिवांगी सिंह के नाना वीएन सिंह सेना में कर्नल थे। ऐसे में शिवांगी को देश की सेना के प्रति लगाव हमेशा से रहा। बचपन में एक बार शिवांगी के नाना उन्हें एयरफोर्स का म्यूजियम दिखाने ले गए। जब शिवांगी ने वायुसेना के विमान और सैनिकों की यूनिफार्म देखी तो काफी उत्साहित हुई और एयरफोर्स ज्वाइन करने की ठान ली।
शिवांगी सिंह का करियर और उपलब्धि
एमएससी पास करने के बाद साल 2015 में शिवांगी सिंह ने वायुसेना की परीक्षा पास की और डेढ़ साल की ट्रेनिंग की। साल 2017 में उन्हें देश की पांच महिला फाइटर पायलटों की टीम में लिया गया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शिवांगी मिग 21 की फाइटर पायलट बन गईं। साल 2013 में शिवांगी सिंह ने दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व किया। राजस्थान से पाकिस्तान सीमा पर लगे एयरबेस पर शिवांगी की तैनाती हुई। इसके अलावा शिवांगी ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ काम किया। अब उन्हे राफेल उड़ाने का मौका मिला है।

कमेंट
कमेंट X