समाज में एसिड का जहर इतनी तेजी से फैला है इसकी बानगी देखने को मिली बिटिया उत्सव में। यहां एसिड से झुलसी महिलाओं ने अपनी कहानी बयां की, जिसे सुन कह सकते है ये एसिड सर्वाइवर नहीं बल्कि एसिड फाइटर हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ से बिटिया उत्सव का आयोजन ग्वालियर में किया गया। इस उत्सव की संचालक अर्चना लार्क ने पीड़िताओं से बातें की और उनके अनुभव बताए और इस मंच से महिलाओं के शोषण से जुड़े मुद्दे पर बात की। साथ ही बताया गया कि कैसे एक महिला पुरुष प्रधान समाज में एक मोहरा बन कर कार्य करती है। उत्सव की संचालनकर्ता ने इस उत्सव के साथ ही महिलाओं के मुद्दे पर बात की साथ ही उन एसिड पीड़िता से भी उनकी दर्द भरी दास्तान सुनी और उनके संघर्ष की कहानी को बताया।
बिटिया उत्सव में 'एसिड फाइटर' के रूप में पहुंचीं 'एसिड सर्वाइवर', किया अपना संघर्ष बयां
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स्त्री से जुड़े शोषणकारी मुद्दे पर बात करें तो पितृसत्तात्मक चरित्र भयावह रूप में हर बार सामने आ जाता है, जिस पर बहुत बातें हुईं और सिनेमा, सेमिनार, लेख इत्यादि के माध्यम से हो भी रही हैं। पर, शोषण करने की आदत जो पूरे समाज में, दिमाग में जन्मघुट्टी की तरह घुला हुआ है, दिनों दिन क्रूरतम स्थिति में स्थायित्व प्राप्त करता चल रहा है। अफसोस है, पीड़ा है और ये पीड़ा कब तक रहेगी इसकी कोई निश्चित समय सीमा नहीं।
रूपा जी से बात करते हुए जो कुछ बिंदु सामने आए। उनकी स्टेप मॉम ने उनके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था जब वो सो रहीं थीं। ऐसे में हर व्यक्ति के मन मे आता है कि स्त्री ही स्त्री की दुश्मन जैसा भाव; जिससे रूपा जी भी अछूती न थीं पर बिटिया उत्सव की बाकी बातचीत से वो मानने को तैयार हुईं कि ये पितृ सत्ता का रोल है जिसकी एक चरित्र जाने अनजाने उनकी स्टेप मां बनी। रूपा ने कहा कि उनके पिता जो उनके थे उनका कोई सपोर्ट नहीं किए और वो दर्द से तड़पती रहीं। दूर शहर में रहने वाले चाचा ने हॉस्पिटल में एडमिट कराया, यदि पहले एडमिट हो जातीं तो थोड़ी स्थिति सुधर सकती थी।
वहीं दूसरी एसिड सर्वाइवर के बारे में बताया कि डॉली जी जब 13 साल की थीं तो किसी ने ईर्ष्या वश उन पर तेजाब फेंक दिया था। उस दिन उनके घर में शादी थी और वो कमरे में कैद थीं। डॉली बहुत हंसमुख थी, सबको अपने जोक्स से हंसाने वाली लड़की एकाएक कुछ समय के लिए चुप हो गईं, 13 साल की बच्ची समझे तो कैसे समझे आखिर क्या हो गया ये! मैंने ऐसा क्या किया था जिसकी सजा मुझे इस कदर मिली।

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