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लखनऊ सीट का सियासी इतिहास, पुराने दौर में थी कांग्रेस लहर, अब खिलता है कमल
Tue, 16 Apr 2019 06:41 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 16 Apr 2019 06:41 PM IST
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लखनऊ सीट का सियासी इतिहास
- फोटो : अमर उजाला
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चुनावी महासमर में कुछ सीटें ऐसी होती हैं जिस पर पूरे देश की निगाहें लगी रहती हैं। इन्हीं में एक सीट है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकसभा सीट। आज दिनभर लखनऊ में चुनावी गहमागहमी जोरों पर रही। यहां से भाजपा उम्मीदवार और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने बड़ा रोड शो कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। दोपहर 4 बजते-बजते खबर आई कि शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने समाजवादी पार्टी का हाथ थाम लिया। डिंपल यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा ज्वाइन की। इसके साथ ही एलान हो गया कि वह लखनऊ से चुनाव लड़ेंगी। अगर सपा की अपील मानते हुए कांग्रेस यहां से अपना उम्मीदवार न उतारे तो राजनाथ सिंह से उनका ये मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। आइए जानते हैं इस सीट का सियासी इतिहास और यहां भाजपा का कितना रहा है असर।
विजयलक्ष्मी पंडित
- फोटो : विकीपीडिया
यूपी की लखनऊ लोकसभा सीट में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। ये हैं- लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य और लखनऊ कैंट। 1951 चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विजयलक्ष्मी पंडित ने जीत हासिल की थी। 1952 चुनाव में कांग्रेस के एस. नेहरू को जीत मिली थी। 1957 के चुनाव में पुलिन बिहारी बनर्जी ने जीत हासिल की। 1962 आम चुनाव में भी कांग्रेस के ही बी के धाओन ने जीत का परचम लहराया।
हेमवती नंदन बहुगुणा (फाइल फोटो)
1967 में हुए आम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार आनंद नारायण मुल्ला ने जीत दर्ज की थी। 1971 चुनाव में कांग्रेस की शीला कॉल और 1977 में हेमवती नंदन बहुगुणा भारतीय लोकदल के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे।
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अटल बिहारी वाजपेयी
1980 और 1984 चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर शीला कॉल ने लगातार दो बार फिर जीत हासिल की। 1989 में मान्धाता सिंह ने जनता दल को लखनऊ में पहली बार जीत दिलाई। इसके बाद 1991 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के अटल बिहारी वाजपेयी लगातार 5 बार जीतकर लोकसभा पहुंचे थे।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : amar ujala
2009 में भाजपा के लालजी टंडन लखनऊ के सांसद बने और साल 2014 में राजनाथ सिंह ने यहां से जीत हासिल की। 1991 से अब तक भाजपा का लखनऊ की सीट पर कब्जा रहा है। राजनाथ सिंह लखनऊ सीट से सांसद बनने से पहले यूपी के मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं। वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।