बांग्लादेश के बाद कहीं जिम्बाब्वे में भी हार न जाए टीम इंडिया!
बांग्लादेश ने जिस तरह से पाकिस्तान को हराया था उसके बाद तो बीसीसीआई ने सभी बड़े खिलाड़ियों की छुट्टी पर जाने की योजना को रद्द करते हुए पड़ोसी मुल्क का दौरा करने का निर्देश दिया। हालांकि टीम इंडिया को इसका फायदा नहीं मिला और पहली बार उसे बांग्लादेश के हाथों न सिर्फ पहली बार 2 वनडे मैचों में हार मिली बल्कि वनडे सीरीज ही गंवा दी।
बांग्लादेश के बाद कहीं जिम्बाब्वे में भी हार न जाए टीम इंडिया!
पहले 2 मैचों में हार के बाद टीम इंडिया ने तीसरे मैच में वापसी की और बांग्लादेश के खिलाफ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में जोरदार खेल दिखाया। बांग्लादेश से विदा होने से पहले तीसरा मैच जीतकर टीम इंडिया जीत की राह पर लौटती दिखी। इस छोटे से दौरे के बाद भारतीय टीम का अगला दौरा जिम्बाब्वे का है लेकिन इस दौरे के लिए 7 बड़े खिलाड़ियों को छुट्टी ही दे दी गई।
बांग्लादेश के बाद कहीं जिम्बाब्वे में भी हार न जाए टीम इंडिया!
जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयनकर्ताओं ने कप्तान धोनी और विराट कोहली समेत 7 बडे़ खिलाडि़यों को छुट्टी पर भेजने के बाद अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाते हुए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया। भारत को इस दौरे में 5 मैच (3 वनडे और 2 टी-20) खेलने हैं। लेकिन चयनकर्ताओं के टीम में चयन के दौरान कई ऐसी बड़ी चूक हुई है जो भारत के लिए मुसीबत बन सकती है।
बांग्लादेश के बाद कहीं जिम्बाब्वे में भी हार न जाए टीम इंडिया!
जानते हैं उन समस्याओं के बारे में जिसे चयनकर्ता टीम चुनते समय ठीक से आंकलन नहीं कर सके। अगर इसमें से भारतीय खिलाड़ी कहीं चूक गए तो जिस टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के पिछले दौरे पर वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप किया था उसे इस बार संकट का सामना न करना पड़ जाए। बतौर क्रिकेट प्रेमी कोई भी नहीं चाहेगा कि जिम्बाब्वे में टीम को इन समस्याओं से रुबरु होना पड़े।
बांग्लादेश के बाद कहीं जिम्बाब्वे में भी हार न जाए टीम इंडिया!
चयनकर्ताओं ने टीम में एक भी विशेषज्ञ विकेटकीपर नहीं रखा है। कप्तान धोनी खुद विकेटकीपर भी हैं लेकिन उनके नहीं जाने पर एक भी विशेषज्ञ विकेटकीपर को शामिल नहीं किया। यह एक शानदार मौका था कि टीम के लिए एक अगले विकेटकीपर की तलाश शुरू कर दी जाती। धोनी के बाद फिलहाल रिदिमान साहा टेस्ट में विकटकीपिंग करते हैं, लेकिन वनडे और टी-20 के लिए साहा के अलावा संजू सैमसन और नमन ओझा में से किसी को रखा जा सकता था टीम के साथ। लेकिन किसी को मौका नहीं दिया गया।