दो साल बाद टीम को मिला ऐसा विस्फोटक बल्लेबाज
लगता है कि टीम इंडिया को अगला युवराज सिंह मिल गया है जो बल्ले से कमाल दिखाने के बाद गेंद से विपक्षी टीम को परेशान करना सकता है। ऐसा ही दिखा बांग्लादेश के खिलाफ मैच में जब हार्दिक पांड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाया।
दो साल बाद टीम को मिला ऐसा विस्फोटक बल्लेबाज
हार्दिक पांड्या के खेल से भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी काफी प्रभावित हैं और उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि वह टी-20 में भारत के लिए गेमचेंजर साबित हुए हैं। पांड्या ने बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप के पहले मैच में 18 गेंदों में 31 रन बनाए और चार ओवरों में 23 रन देकर एक विकेट भी झटका।
दो साल बाद टीम को मिला ऐसा विस्फोटक बल्लेबाज
बांग्लादेश के खिलाफ मैच के दौरान हार्दिक पांड्या ने शुरुआती 11 गेंदों में ही 28 रन कूट दिए थे। इसमें 1 छक्का और 4 चौके भी शामिल थे। पांचवें-छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए हार्दिक पिछले दो साल में पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने 18 गेंदों में 31 रन बनाए। हार्दिक 166.66 स्ट्राइक रेट से 60 टी-20 रन बना चुके हैं।
दो साल बाद टीम को मिला ऐसा विस्फोटक बल्लेबाज
एशिया कप के पहले मैच में जब युवराज के आउट होने के बाद भारत की स्थिति ठीक नहीं थी, ऐसे वक्त पर कप्तान धोनी ने खुद के बजाय हार्दिक को बल्लेबाजी करने उतारा। हार्दिक ने आते ही अपना आक्रामक खेल दिखाया और रोहित शर्मा के साथ मात्र 26 गेंदों पर 61 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी की। गेंदबाजी में भी हार्दिक ने अच्छा प्रदर्शन किया। 4 ओवर में मात्र 23 रन देकर 1 विकेट झटका।
दो साल बाद टीम को मिला ऐसा विस्फोटक बल्लेबाज
खुद अपने खेल के बारे में हार्दिक का कहना है कि वह विशुद्ध बल्लेबाज हैं, कोई पिंच हिटर नहीं। उन्होंने कबूला कि उनका खेल आक्रामक है। हार्दिक ने क्रिकेट जगत में अपने दो प्रेरक क्रिकेटरों के नाम भी लिए।