'रन मशीन' तो नहीं, बाकियों ने ले ली तेज गेंदबाजों की क्लास
मेलबर्न में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से पहले इसे बल्लेबाजी बनाम तेज गेंदबाजी का मुकाबला करार दिया जा रहा था। बल्लेबाजी यानी भारत और तेज गेंदबाजी यानी दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण। इस अनोखे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज को कामयाब कहा जा सकता है क्योंकि वह 50 ओवर में 300 से ज्यादा रन बनाने में कामयाब रहे। जबकि गेंदबाज सिर्फ 5 विकेट ही निकाल सके।
'रन मशीन' तो नहीं, बाकियों ने ले ली तेज गेंदबाजों की क्लास
मेलबर्न वनडे में भारतीय बल्लेबाजी अफ्रीकी तेज आक्रमण के आगे जीत गई। भारत की ओर से शिखर धवन अफ्रीकी टीम के खिलाफ वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी पारी खेलने में कामयाब रहे। तो अंजिक्य रहाणे ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। विराट कोहली ने भी 46 रन बनाए।
'रन मशीन' तो नहीं, बाकियों ने ले ली तेज गेंदबाजों की क्लास
हालांकि इस मैच में रन मशीन विराट कोहली बहुत बड़ी पारी नहीं खेल सके लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने डेल स्टेन समेत सभी तेज गेंदबाजों पर जमकर रन बनाए और टीम को 300 के पार पहुंचा दिया। हम आपको बताते है कि भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों पर कितने रन बनाए।
'रन मशीन' तो नहीं, बाकियों ने ले ली तेज गेंदबाजों की क्लास
शुरुआत डेल स्टेन से। स्टेन को अफ्रीकी टीम के खास हथियार माना जाता है। वह भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में कामयाब रहे पर उतना नहीं जितना कहा जा रहा था। हालांकि उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में एक मेडन भी डाला लेकिन 5.50 की औसत से 55 रन दे दिए। साथ ही 6 चौके के अलावा 2 छक्के भी लगे उनके ओवर में।
'रन मशीन' तो नहीं, बाकियों ने ले ली तेज गेंदबाजों की क्लास
डेल स्टेन के बाद मोर्ने मोर्कल टीम के दुसरे खास तेज गेंदबाज हैं। वह 2 विकेट लेने में जरूर कामयाब रहे लेकिन उन्होंने 10 ओवर में 59 रन दे डाले। भारतीय बल्लेबाजों ने 6 चौके के अलावा एक छक्के भी लगाया इनके ओवर में। उन्हें दोनों सफलता स्लॉग ओवरों में मिली।