तो जूनियर तेंदुलकर को मैदान पर चुनौती देंगे जूनियर द्रविड़!
जिस तरह से अब क्रिकेट में पैसा और शोहरत मिल रही है उससे क्रिकेटरों के बेटों का करियर के रूप में क्रिकेट को ही अपनाने का चलन चल निकला है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस चलन ने अभी जोर पकड़ा है बल्कि क्रिकेट के शुरुआती चरण से कई पिता क्रिकेटरों के बाद उनके बेटों ने भी इस खेल को अपना करियर बनाया और खासे सफल भी रहे। युवराज सिंह, स्टुअर्ट बिन्नी, शॉन मार्श और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे ढेरों क्रिकेटरों ने अपने पिता के क्रिकेट करियर को अपनाया।
तो जूनियर तेंदुलकर को मैदान पर चुनौती देंगे जूनियर द्रविड़!
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट में खासे सफल रहे हैं। उनके बाद अब 16 साल के उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर भी क्रिकेट को ही अपने करियर के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सचिन जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते थे तब भी वह अक्सर उनके साथ मैदान पर अभ्यास करते रहे हैं। साथ ही मुंबई में कुछ टीमों के साथ खेलते भी रहे हैं।
तो जूनियर तेंदुलकर को मैदान पर चुनौती देंगे जूनियर द्रविड़!
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 14 मई को जब कोलकाता नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी प्रैक्टिस कर रहे थे। इस बीच एक कोने में मुंबई के मेंटर व पूर्व कप्तान सचिन तेंदुलकर अपने बेटे अर्जुन को कोचिंग दे रहे थे। अर्जुन को गेंदबाजी करते हुए देख ड्रेसिंग रुम में बैठे पाक टीम के पूर्व कप्तान और कोलकाता के गेंदबाजी कोच वसीम अकरम उनकी गेंदबाजी देखने स्टेडियम जा पहुंचे और गेंदबाजी के लिए जरूरी टिप्स भी दिए।
तो जूनियर तेंदुलकर को मैदान पर चुनौती देंगे जूनियर द्रविड़!
वसीम अकरम ने बाद में बताया कि वह अर्जुन की गेंदबाजी के कायल है। साथ ही उन्होंने पिछले साल एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले गर्मियों के दौरान इंग्लैंड में एक प्रदर्शन मैच में वह मिड-ऑन पर फिल्डिंग कर रहे थे और अर्जुन के सामने महान कैरिबियाई बल्लेबाज ब्रायन लारा थे। और अर्जुन ने उन्हें आउट बोल्ड कर दिया था।
तो जूनियर तेंदुलकर को मैदान पर चुनौती देंगे जूनियर द्रविड़!
सचिन तेंदुलकर के समय के ही एक अन्य बड़े क्रिकेट सितारे का बेटा भी क्रिकेट की तैयारियों में जुट गया है। हम जिसकी बात कर रहे हैं उनका नाम है 'मिस्टर भरोसेमंद' राहुल द्रविड़। राहुल द्रविड़ के 2 बेटे हैं और दोनों ही क्रिकेट में जमकर अभ्यास कर रहे हैं। हो सकता है कि दोनों जूनियर द्रविड़ आगे चलकर क्रिकेट को ही करियर बनाएं और जूनियर तेंदुलकर को चुनौती देते नजर आएं।