'खास' हुआ मार्च, पूरे 700 दिन बाद युवराज ने खेली ऐसी पारी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस साल 26 जनवरी से वापसी के बाद से युवराज सिंह लगातार 8 आज मैच खेल चुके थे लेकिन वो पारी नहीं खेल पाए जिससे उनकी पहचान थी, लेकिन मार्च आते ही उनका बल्ला चल निकला क्योंकि यह महीना उनके लिए बेहद खास है।
'खास' हुआ मार्च, पूरे 700 दिन बाद युवराज ने खेली ऐसी पारी
बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज युवराज ने एशिया कप के सातवें मैच में श्रीलंका के खिलाफ अपना जलवा दिखाया जिसने यह जता दिया कि अभी उनके बल्ले से बड़े शॉट निकलने बंद नहीं हुए हैं। वापसी के बाद अपने 9वें मैच में उन्होंने 18 गेंदों की पारी में 3 चौका और 3 छक्के लगाए। साथ ही उन्होंने विराट कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की और लग रहा था कि वो इस मैच में फिफ्टी ठोंक देंगे लेकिन 35 रन पर आउट हो गए।
'खास' हुआ मार्च, पूरे 700 दिन बाद युवराज ने खेली ऐसी पारी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद से युवराज की यह 35 रनों (18 गेंद) की पारी उनकी सबसे बड़ी पारी है। इस पारी में उन्होंने 3 छक्के भी लगाए। उनके बल्ले से किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में 3 या उससे ज्यादा छक्के करीब 2 साल बाद आए हैं और वो भी इसी महीने में, पहली ही तारीख में। पूरे 700 दिनों के इंतजार के बाद उन्होंने ऐसी पारी खेली है।
'खास' हुआ मार्च, पूरे 700 दिन बाद युवराज ने खेली ऐसी पारी
इस पारी से पहले युवराज सिंह ने आखिरी बार किसी मैच में 3 या उससे ज्यादा छक्के मार्च में (30 मार्च 2014) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (बांग्लादेश में टी-20 वर्ल्ड कप) लगाए थे। तब चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आते हुए उन्होंने 43 गेंदों में 5 चौके और 4 छक्के के साथ 60 रनों की पारी खेली। दिलचस्प बात यह रही कि ये दोनों पारियां मीरपुर के इसी शेरे-बांग्ला मैदान पर भी खेली गईं थी।
'खास' हुआ मार्च, पूरे 700 दिन बाद युवराज ने खेली ऐसी पारी
इस पारी के बाद से उन्होंने 10 पारियां खेली लेकिन उनकी सबसे बड़ी पारी 18 रनों की रही जो इसी मैच (दक्षिण अफ्रीका) के बाद खेली लेकिन एक भी छक्का नहीं लगा पाए। इसके एक मैच के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और वापसी के लिए 2 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। यह मैच उस टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल था जिसमें श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों में 11 रन बना ही पाए जिस कारण उन्हें टीम की खिताबी हार का दोषी माना गया।