इन मंदिरों में भगवान के रुप में पूजे जाते हैं नेता
भारत के लोग जब पत्थरों में भगवान को ढूंढ लेते हैं तब इंसानों में भगवान को ढूंढ लेना कौन सी बड़ी बात है। इसका ताजा उदाहरण मोदी हैं। जिन्हें इनके भक्तों ने इंसान से भगवान मान लिया और मंदिर बनाकर इनकी मूर्ति को भी स्थापित कर दिया। ऐसे कई उदारहण इस देश मौजूद हैं जहां नेताओं को भगवान बना दिया गया है। तो चलिए नेताओं के मंदिर और इनकी मूर्तियों के दर्शन करें।
इन मंदिरों में भगवान के रुप में पूजे जाते हैं नेता
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में भगवानपुर नाम का एक गांव है। इस गांव में भगवान शिव का एक 300 साल पुराना मंदिर है। 2014 में इस मंदिर में नरेन्द्र मोदी की मूर्ति को स्थापित किया गया। इस मंदिर मोदी चलीसा का भी पाठ किया जाता है। मोदी की मूर्ति स्थापित होने के बाद यह मंदिर नमो नमो मंदिर के नाम से जाना जाने लगा है। देखिए नमो नमो मंदिर में मोदी की मूर्ति और पूजा करते पुजारी और भक्तों को।
इन मंदिरों में भगवान के रुप में पूजे जाते हैं नेता
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में भगवानपुर नाम का एक गांव है। इस गांव में भगवान शिव का एक 300 साल पुराना मंदिर है। 2014 में इस मंदिर में नरेन्द्र मोदी की मूर्ति को स्थापित किया गया। इस मंदिर मोदी चलीसा का भी पाठ किया जाता है। मोदी की मूर्ति स्थापित होने के बाद यह मंदिर नमो नमो मंदिर के नाम से जाना जाने लगा है। देखिए नमो नमो मंदिर में मोदी की मूर्ति और पूजा करते पुजारी और भक्तों को।
इन मंदिरों में भगवान के रुप में पूजे जाते हैं नेता
नेताओं के मंदिर बनाने का चलन भारत में नया नहीं है। मोदी से पहले सोनिया गांधी भी देवी रुप में मूर्तिमान हो चुकी हैं। कांग्रेस के विधायक पी शंकर राव ने सोनिया गांधी की नौ फीट की प्रतिमा बनाकर उन्हें 'तेलंगाना माता' का नाम दे दिया। जिस स्थान सोनिया गांधी की मूर्ति का निर्माण करवाया गया है उस स्थान को 'सोनिया गांधी शांति वन' नाम दिया गया है।
इन मंदिरों में भगवान के रुप में पूजे जाते हैं नेता
सोनिया से भी पहले मूर्तिमान होने वाले नेता थे तमिलानडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचन्द्रन। अपने जमाने के तमिल फिल्मों के सुपर स्टार रह चुके एम जी आर को भगवान के रुप में मंदिर में स्थापित किया गया है। यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुवेलुरू जिले में स्थित है। देखिए पुजारी किस तरह अपने भगवान की पूजा में लगे हुए हैं।