भीष्म की वह 11 चूक जिसकी वजह से महाभारत का महायुद्ध हुआ
जब भीष्म के पिता शांतनु ने सत्यवती से विवाह करना चाहा तो सत्यवती ने अपनी संतानों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। तब भावावेश में आकर भीष्म ने अविवाहित रहने की प्रतिज्ञा कर डाली ताकि सत्यवती की संतानों को हस्तिनापुर का राज्य मिल सके। दरअसल यही चूक थी, अगर भीष्म ये प्रतिज्ञा न करते तो शायद राज्य को लेकर इतने दावेदार पैदा न होते।
भीष्म की वह 11 चूक जिसकी वजह से महाभारत का महायुद्ध हुआ
अपने सौतेले भाइयों यानी सत्यवती के पुत्रों के लिए भीष्म ने इतना बड़ा पाप किया। उन्होंने अंबा, अंबिका और अंबालिका नाम की राजकुमारियों का अपहरण कर लिया।
भीष्म की वह 11 चूक जिसकी वजह से महाभारत का महायुद्ध हुआ
जिस अंबा का भीष्म ने अपहरण किया उसने भीष्म से कहा कि वो अपने अपहरणकर्ता से ही शादी करेगी अन्यथा उसकी बदनामी होगी, लेकिन भीष्म ने इनकार कर दिया। अंतत अंबा ने ये प्रतिज्ञा ली कि अगले जन्म वो ही भीष्म की मौत का कारण बनेगी। याद होगा आपको, महाभारत के युद्ध में शिखंडी ही भीष्म ही मौत का कारण बना, वो दरअसल अंबा ही थी।
भीष्म की वह 11 चूक जिसकी वजह से महाभारत का महायुद्ध हुआ
यह जानते हुए भी कि गांधारी नेत्रहीन नहीं है, भीष्म ने जबरदस्ती गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से करा दिया। अपनी बहन से बहुत प्रेम करने वाला शकुनि अपनी बहन के साथ हुए इस अन्याय का बदला लेने के लिए जिंदगी भर चालें चलता रहा और जिसके चलते महाभारत युद्ध हुआ।
भीष्म की वह 11 चूक जिसकी वजह से महाभारत का महायुद्ध हुआ
दरअसल गांधारी की कुंडली में पहले पति के मरने का योग था। इसलिए धृतराष्ट्र से विवाह से पहले उसका सांकेतिक तौर पर एक बकरे से विवाह कराया गया था। विवाह के बाद जब भीष्म को ये पता चला कि गांधारी का पहले विवाह हो चुका है (भले ही बकरे से, उस समय ये राजाओं के लिए शर्म की बात थी), तो भीष्म ने गांधारी के परिजनों को बंदी बना लिया और तड़पा तड़पा कर मार डाला।