देखिए रूस ने कैसे 46 साल बाद किसी देश पर गिराए बम
रूस ने 46 साल बाद किसी देश में हवाई हमला किया है। आईएसआईएस के लड़ाकों को जड़ से मिटाने के लिए रूस ने सीरिया पर हमला किया। इस हवाई हमले के बाद से अमेरिका और रूस के बीच तनाव भी बढ़ गया है। अमेरिका और रूस के उच्चाधिकारियों ने कहा है कि सीरिया में मौजूद अमरीकी और रूसी सैनिकों के बीच टकराव टालने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारी आपस में बातचीत करेंगे। रूस अब तक 400 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी कर चुका है।
देखिए रूस ने कैसे 46 साल बाद किसी देश पर गिराए बम
रूस के रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि रूसी लड़ाकू विमानों ने चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ करीब 32 हवाई हमले किए। लेकिन अमेरिका ने आशंका जताई है कि रूस जिन ठिकानों पर हमले कर रहा है वो इस्लामिक स्टेट के नहीं हैं बल्कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के दूसरे विरोधियों के हैं।
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रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरॉव ने कहा है कि अनचाही घटनाओं को टालने के लिए संवाद स्थापित करना ज़रूरी है। अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी कहा है कि जल्द से जल्द बातचीत शुरू की जाएगी। सीरिया में चार साल से चल रहे गृह युद्ध में असद सरकार के ख़िलाफ़ कई संगठन लड़ रहे हैं।
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अमरीकी रक्षा मंत्री एशटन कार्टर ने कहा है कि रूस का रवैया 'आग में घी डालने' जैसा है और ये अभियान असफल होगा क्योंकि बशर अल-असद के विरोधियों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है। न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार और वॉलस्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक़ रूस उन विद्रोहियों पर हमले कर रहा है जिन्हें अमेरिका का समर्थन मिला है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ को सीआईए ने ट्रेनिंग दी है।
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अमेरिका असद को पद से हटाने की हिमायत करता रहा है वहीं रूस असद का समर्थन करता रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने इस्लामिक स्टेट के सैन्य साज़ो-सामान को निशाना बनाया है ना कि नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं।