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कुत्ते की वजह से श्री स्वामीनारायण मंदिर को मांगनी पड़ी माफी

Wed, 10 Feb 2016 06:04 AM IST
Updated Wed, 10 Feb 2016 06:04 AM IST
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कुत्ते की वजह से श्री स्वामीनारायण मंदिर को मांगनी पड़ी माफी

blind youth and his guide

लंदन के श्री स्वामीनारायण मंदिर ने एक दृष्टिहीन व्यक्ति अमित पटेल से उसके गाइड कुत्ते को उसके साथ अंदर न जाने देने पर माफी मांगी है। ख़ासतौर से प्रशिक्षित अमित पटेल का कुत्ता कीका उनकी बाहर आने जाने में मदद करता है और अमित को मंदिर में उसके साथ न होने से असहज सा लगा था जिसके लिए उन्होंने मंदिर प्रशासन की आलोचना की थी। हालांकि नीस्डेन स्थित मंदिर प्रशासन ने घटना के लिए माफी मांगी है। लेकिन उनका कहना है कि वह गाइड कुत्ते को मंदिर में प्रवेश पर रोक के नियम में छूट नहीं देंगे।


सेज असर/बीबीसी संवाददाता, लंदन से

कुत्ते की वजह से श्री स्वामीनारायण मंदिर को मांगनी पड़ी माफी

blind youth and his guide

अमित दो साल पहले दृष्टिहीन हो गए थे और कीका हमेशा उनके साथ होता है। मंदिर की घटना पर अमित पटेल ने बीबीसी को बताया, “हमने फ़ोन करके पूछा था तब हमें बताया गया था कि कोई समस्या नहीं है। लेकिन प्रवेशद्वार पर हमें कहा गया कि वो अंदर नहीं जा सकता और उसे एक सुरक्षा गार्ड के साथ रहना होगा। मुझे किसी अन्य के साथ भेज दिया गया. उनका कहना था कि वहां जगह की कमी है। लेकिन हम इतनी ज़्यादा जगह नहीं घेरते और वहां व्हीलचेयर पर और लोग भी थे।’’

कुत्ते की वजह से श्री स्वामीनारायण मंदिर को मांगनी पड़ी माफी

blind youth and his guide

नीस्डेन मंदिर ने एक बयान में कहा है कि मंदिर श्रद्धालुओ की विशेष आवश्यकताओं का ध्यान रखते हैं। कानून के अनुसार गाइड कुत्ते सभी सार्वजनिक स्थानों पर जा सकते हैं, लेकिन इस बारे में थोड़े मतभेद हैं कि क्या यह धार्मिक भवनों पर भी लागू होता है।" दृष्टिहीनों के लिए गाइड कुत्ते उपलब्ध करवाने वाले डेव केंट ने इसी तरह के मामले देश भर में देखे हैं.

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कुत्ते की वजह से श्री स्वामीनारायण मंदिर को मांगनी पड़ी माफी

blind youth and his guide

डेव केंट बताते हैं, “दुर्भाग्य से अमित का अनुभव इस तरह का पहला नहीं है। ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। लीसेस्टर मस्जिद वाले मामले में हमें कुछ सफलता मिली है। ये दुनिया में पहली जगह होगी जिसने परिसर में गाइड कुत्ते को आने की इजाजत दी है।” उधर अमित का कहना है, “मैं चाहता हूं कि लोग गाइड कुत्ते को देखने के नज़रिए को बदलें। वह एक काम करने वाली कुतिया है और अगर वह नहीं होती तो मैं कहीं भी नहीं पहुंच पाता।’’


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