विश्व कैंसर दिवस: क्या खाएं और क्या नहीं, बदलें ये 10 आदतें
आजकल की जीवनशैली को देखते हुए कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरुरी है कि खाने-पीने में कुछ बदलाव किए जाएं।
विश्व कैंसर दिवस: क्या खाएं और क्या नहीं, बदलें ये 10 आदतें
ज्यादा से ज्यादा ताजा भोजन करें। यहां ताजे भोजन से मतलब है कि हरे पत्तेदार सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दालें आदि खाएं। इसके लिए लंच या डिनर से खूब सारा सलाद खाएं। शोध बताते हैं कि जो लोग कम मात्रा में फल और सब्जियां खाते हैं उन्हें कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
विश्व कैंसर दिवस: क्या खाएं और क्या नहीं, बदलें ये 10 आदतें
फाइबर कैंसर से लड़ने में सबसे ज्यादा मददगार है। फाइबर युक्त भोजन पाचन को सही रखता है और कैंसर करने वाले कम्पाउंड को शरीर से बाहर निकालता है। इसके लिए ब्राउन राइस खाएं, फलों को उसके छिलके सहित खाएं। शोध बताते हैं कि खाने में फाइबर की मात्रा का कैंसर के खतरें से सीधा संबंध है।
विश्व कैंसर दिवस: क्या खाएं और क्या नहीं, बदलें ये 10 आदतें
कैंसर के खतरे को कम करना है तो सबसे पहले आदत डाले कि प्रोसेस्ड फूड कम खाएं। ताजा खाना खाएं यानि डिब्बाबंद खाने पर अपनी निर्भरता को कम करें। पैक्ड संतरे के जूस से बेहतर है कि संतरे को छीलकर खाया जाए।
विश्व कैंसर दिवस: क्या खाएं और क्या नहीं, बदलें ये 10 आदतें
थोड़ी हैरानी होगी लेकिन सच है कि नॉनवेज खाने वाले पर शाकाहारियों की अपेक्षा 50 प्रतिशत अधिक खतरा होता है कैंसर का। शोध बताते हैं कि रेड मीट खाने वाले को कैंसर का खतरा अधिक होता है क्योंकि उसमें फाइबर की मात्रा कम होती है। जोकि कैंसर से दूर रहने में बहुत मददगार है। तो मांसाहार भोजन की मात्रा कम कर दें।